डीएम कुंदन कुमार ने शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों के लिए कड़े निर्देश किये जारी
बिहार विधानसभा को देखते हुए नालंदा में कानून प्रबंध को सुदृढ़ बनाने की दिशा में डीएम कुंदन कुमार ने शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने उन सभी अनुज्ञप्तिधारियों को आखिरी चेतावनी दी है जिन्होंने अभी तक अपने हथियारों क
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प्रशासन की चिंता का मुख्य कारण यह है कि हथियार तस्करों के राष्ट्रव्यापी रैकेट द्वारा वैध लाइसेंस प्राप्त करके उच्च गुणवत्ता के हथियार खरीदे जा रहे हैं. जिनका इस्तेमाल संगठित क्राइम और आपराधिक वर्चस्व स्थापित करने में किया जा सकता है. इस परेशानी से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने आयुध नियम 2016 के नियम 30 और 112(2) के अनुसार कड़े कदम उठाने का निर्णय किया है.
दो चरणों में होगा सत्यापन
जिलाधिकारी के आदेशानुसार, नालंदा जिले के सभी शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों को 4 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2025 के बीच अपने संबंधित थानों में हाजिर होकर हथियारों का भौतिक सत्यापन कराना होगा. यह प्रक्रिया दो चरणों में विभाजित की गई है.
पहला चरण (4-7 अक्टूबर): इसमें बिहार, लहेरी, अस्थावां, बिंद, सारे, सरमेरा, नूरसराय, रहुई, हरनौत, गिरियक, कतरीसराय, राजगीर, सिलाव, चंडी, थरथरी, नगरनौसा, हिलसा, करायपरशुराय, एकंगरसराय, परवलपुर, इसलामपुर, वेन, गोखुलपुर ओ।पी। और कल्याणबिगहा ओ।पी। थाना क्षेत्रों के अनुज्ञप्तिधारी शामिल हैं.
दूसरा चरण (8-11 अक्टूबर): इसमें सोहसराय, दीपनगर, वेना, मानपुर, छबिलापुर, तेल्हाड़ा, खुदागंज, चेरो ओ।पी।, चिकसौरा, नालंदा, औंगारी, भागनबिगहा ओ।पी।, तेलमर और पावापुरी ओ।पी। थाना क्षेत्रों के लाइसेंसधारी आते हैं.
सख्त निर्देश और कार्यक्रम
अनुज्ञप्तिधारियों को रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक अपने संबंधित पुलिस स्टेशन में मौजूद होना होगा. उन्हें अपना अनुज्ञप्ति पुस्तक, हथियार और कारतूस लेकर आना जरूरी है. आयुध अधिनियम 1959 की धारा 19 और आयुध नियम 2016 के नियम 31 के मुताबिक यह सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
निष्क्रिय रहने पर कड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि जो अनुज्ञप्तिधारी निर्धारित समय सीमा में सत्यापन नहीं कराएंगे, उनके लाइसेंस निलंबित या रद्द कर दिए जाएंगे. आयुध नियम 2016 के नियम 30 और 112(2) के अनुसार यह कार्रवाई की जाएगी और इसकी जिम्मेदारी पूर्णतः अनुज्ञप्तिधारी की होगी.

