BPSC Protest: धरने के खिलाफ आवाज उठाने वालों को प्रशांत किशोर ने दिया यह जवाब
BPSC Protest: बीपीएससी पीटी परीक्षा को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने को लेकर राजधानी पटना में लगातार अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर गांधी मैदान में आमरण अनशन पर बैठे हैं। आज उनके अनशन का दूसरा दिन है। वहीं सांसद पप्पू यादव ने भी आज चक्का जाम का आह्वान किया था।

प्रशांत किशोर के धरने को प्रशासन ने गैरकानूनी बताते हुए उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, इसको लेकर प्रशांत किशोर का बोलना है कि यदि दिल्ली में किसान सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर सकते हैं तो गांधी मैदान में प्रदर्शन करना गैरकानूनी कैसे है? उन्होंने बोला कि हम किसी सार्वजनिक संपत्ति को हानि नहीं पहुंचा रहे हैं।
किसानों को किसने दी अनुमति?
जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने उनके विरुद्ध दर्ज किए गए FIR पर कहा, ‘प्रशासन केवल अपना समय बर्बाद कर रहा है। मेरे विरुद्ध पहले से ही FIR दर्ज की गई थी। उन्हें पहले उसी पर कार्रवाई करनी चाहिए थी। दिल्ली में जो किसान धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं उन्हें सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने की अनुमति किसने दी है? यदि दिल्ली की सड़कों पर बैठकर कोई प्रदर्शन कर सकता है तो बिहार के गांधी मैदान में बैठकर कोई प्रदर्शन क्यों नहीं कर सकता है? हम न किसी प्रकार का हंगामा कर रहे हैं और न ही किसी सार्वजनिक संपत्ति को हानि पहुंचा रहे हैं, मैं क्या गलत कर रहा हूं?’
नहीं कर रहे कोई नुकसान
उन्होंने आगे कहा, ‘एक धारणा बनाई जा रही है कि यह अनशन गैरकानूनी है, ये किसने बोला है कि गांधी मैदान में प्रदर्शन करने के लिए अलग से अनुमति चाहिए? हम लोग कोई विद्रोह नहीं कर रहे हैं, सार्वजनिक संपत्ति को कोई हानि भी नहीं पहुंचा रहे हैं। गांधी मैदान एक सार्वजनिक स्थान है, हम अनशन पर बैठे हैं और यदि कोई साथी यहां आकर हमारा साथ देना चाहता है तो आए और शांतिपूर्वक बैठे।”
सिर्फ गर्दनीबाग में कर सकते हैं प्रदर्शन
वहीं प्रशांत किशोर के धरने पर SDM गौरव कुमार ने कहा, “पटना उच्च न्यायालय के द्वारा पटना में सिर्फ़ गर्दनीबाग ही एक धरना स्थल चिह्नित किया गया है। उसके अतिरिक्त कहीं और प्रदर्शन करना गैरकानूनी मानना जाता है। इसलिए गांधी प्रतिमा के पास जो धरना दिया जा रहा है ये गैरकानूनी है। उन्हें नोटिस दिया गया है कि जो भी धरना प्रदर्शन करना है वो वैध ढंग से किया जाए, उन्हें समय दिया जाएगा और उसके बाद विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

