यह साग लीवर के लिए है रामबाण
रांची। रांची की सड़कों पर खास तौर पर कुटई का साग मिलता है। यह कुटई का साग खास तौर पर लीवर के लिए रामबाण माना जाता है। यदि आपको लीवर को डिटॉक्स करना है तो यह काफी अच्छा तरीका है। इसे आप साग बनाकर चावल के साथ खा सकते हैं। कई बार लोग इसके पानी का भी सेवन करते हैं। इसे बनाना भी बड़ा आसान है, कोई मेहनत नहीं लगती। आज जानते हैं इसे बनाने का तरीका और इससे होने वाले फायदे।

ऐसे बना सकते हैं
इसके लिए आपको सबसे पहले साग लेना है। साग को कम से कम तीन से चार बार धो लेना है क्योंकि इसमें मिट्टी काफी अधिक लगी रहती है। धोने के बाद आप छोटे-छोटे टुकड़ों में इसे काट लें। काटने के बाद एक कढ़ाई लें। उसमें दो चम्मच ऑयल डालें और ऑयल गरम होते ही साग को भी डाल दें और हल्का फ्राई कर लें।
10 मिनट में बनकर होता है तैयार
जब यह 5 मिनट फ्राई हो जाए तो उसमें थोड़ा पानी डाल दें और फिर इसे 10 मिनट के लिए ढककर छोड़ दीजिए। लीजिए बनकर तैयार हो गया आपका कुटई का साग। इसमें अधिक समय नहीं लगता और यदि इसका पानी आपको पीना है तो साग को पानी में उबाल लीजिए, फिर ठंडा कर लीजिए और उस ठंडे पानी का सेवन कर लीजिए।
पेट के लिए रामबाण है ये साग
खास तौर पर जिनको पेट गर्म होने की कम्पलेन होती है, जिनको लीवर में हमेशा परेशानी रहती है या फिर खास तौर पर पीलिया जैसी रोग बार-बार होती है, उनको आयुर्वेदिक चिकित्सक यह साग खाने की राय देते हैं। खास तौर पर इसका पानी पीने की राय देते हैं। यह कब्ज और एसिडिटी की परेशानी में भी रामबाण माना जाता है।
आयुर्वेदिक चिकित्सक भी मानते हैं लोहा
आयुर्वेदिक चिकित्सक वी।के। पांडे बताते हैं कि इस साग में कई सारे औषधीय गुण हैं। विटामिन सी प्रचुर मात्रा में है जो स्किन को साफ करता है। इसके अतिरिक्त जिंक, पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसी चीजें इसमें हैं जो हड्डियों को मजबूत करती हैं। ऐसे में इसका सेवन जरूर करना चाहिए, खासतौर पर जिनको लीवर की परेशानी है, उन्हें तो जरूर ही इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

