ED: झारखंड के धन शोधन मामले में एक और गिरफ्तारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मुद्दे में एक और गिरफ्तारी की है. इसी मुद्दे में झारखंड के पूर्व सीएम और कई अन्य हाई प्रोफाइल लोग कारावास में बंद हैं. अभी जिस आदमी की जमीन घोटाले में गिरफ्तारी हुई है, वह एक ब्रोकर है और उसकी पहचान शेखर प्रसाद महतो उर्फ शेखर कुशवाहा (39 वर्षीय) के रूप में हुई है.

मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के प्रावधानों के अनुसार हुई गिरफ्तारी
ईडी ने शेखर प्रसाद महतो को धन शोधन कानून (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की धाराओं के अनुसार अरैस्ट किया है. प्रवर्तन निदेशालय ने पहले महतो को पूछताछ के लिए रांची स्थित जोनल कार्यालय बुलाया था. पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने महतो को अरैस्ट कर लिया. महतो पर इल्जाम है कि उसने इस मुद्दे के मुख्य आरोपी और राजस्व विभाग के पूर्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद के साथ मिलकर रांची में 22.61 करोड़ रुपये की 4.83 एकड़ जमीन ‘अधिग्रहण’ करने के लिए ‘फर्जी दस्तावेज’ तैयार किए और सरकारी रिकॉर्ड में ‘छेड़छाड़’ की.
पूर्व मुख्यमंत्री समेत कई हाई प्रोफाइल लोग हैं आरोपी
जांच एजेंसी का बोलना है कि महतो जानबूझकर एक आपराधिक कृत्य में शामिल हुआ और उसने फर्जी डीड बनवाने, फर्जीवाड़ा के साथ ही सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ की. दावा किया जा रहा है कि महतो एक बड़ी षड्यंत्र का हिस्सा है. प्रवर्तन निदेशालय ने शेखर प्रसाद महतो को गुरुवार को पीएमएलए न्यायालय में पेश किया और आरोपी की हिरासत मांगी. प्रवर्तन निदेशालय का ये भी बोलना है कि जमीन घोटाले में किन-किन लोगों को लाभ हुआ, इसे लेकर भी महतो से पूछताछ की जाएगी. जमीन घोटाले के इस मुद्दे में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, आईएएस अधिकारी और रांची के पूर्व डिप्टी कमिश्नर छवि रंजन, भानु प्रताप प्रसाद समेत 25 से अधिक लोग अरैस्ट किए गए हैं.
क्या हैं आरोप
जमीन की मूल्य 266 करोड़ रुपये है, जिसमें रांची के बार्गेन क्षेत्र में स्थित 8.86 एकड़ का एक प्लॉट भी शामिल है. इल्जाम है कि इस प्लॉट को गैरकानूनी ढंग से हेमंत सोरेन पर कब्जा लिया था. प्रवर्तन निदेशालय ने इस मुद्दे में कई संपत्ति अटैच की हैं और चार चार्जशीट दाखिल की हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को ही झारखंड उच्च न्यायालय को कहा कि बार्गेन क्षेत्र में जमीन गैरकानूनी रूप से अधिग्रहित करने में हेमंत सोरेन की अहम किरदार थी. वहीं हेमंत सोरेन ने आरोपों को खारिज करते हुए अंतरिम जमानत देने की मांग की और दावा किया कि उन्हें षड्यंत्र के अनुसार फंसाया गया है.

