इंदौर : वीएलएसआई ग्रुप ने एक फैब्रिकेटेड सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन करने में पाई सफलता
इंदौर। मध्य प्रदेश के डीएवीवी के आईईटी डिपार्टमेंट के वीएलएसआई ग्रुप ने सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वीएलएसआई ग्रुप ने एक फैब्रिकेटेड सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन करने में कामयाबी पाई है। राष्ट्र के कुछ चुनिंदा बड़े संस्थान ही अब तक यह उपलब्धि हासिल करने में सफल हुए हैं। वहीं इसी के साथ डीएवीवी सेमीकंडक्टर चिप बनाने वाला प्रदेश का पहला यूनिवर्सिटी भी बताया जा रहा है। यह नयी डिजाइन की गई चिप सेमीकंडक्टर मेमोरी में डेटा स्टोरेज में अभूतपूर्व क्रांति लाने के लिए तैयार है।

यह चिप संग्रहित डेटा की एक्यूरेसी को बढ़ाता है। इसके साथ ही संग्रहित डेटा में यदि कोई परिवर्तन किया जाता है तो यह सेमीकंडक्टर चिप उस परिवर्तन को डिटेक्ट कर इसे मूल स्वरूप में बदल लेगी। ऐसे में सेटेलाइट इमेजरी, बायोमेडिकल पिक्चर सहित अन्य डेटा इंटेंसिव डोमेन जैसे जरूरी क्षेत्रों के लिए बहुत लाभदायक हो सकता है।
चिप को करेंगे पेटेंट
इस टीम के अनुसार फिलहाल यह चिप 8 बिट मेमोरी कैपेसिटी की है। इसका आगे का परीक्षण किया जा रहा है और इसकी क्षमता 64 बिट्स तक करने को योजना है। इसके अतिरिक्त अगले चरणों में चिप का सख्त परीक्षण भी होगा। परिणाम मिलने के बाद चिप का पेटेंट कर इसे औद्योगिक एक्सपेरिमेंट के लिए मौजूद कराया जाएगा।
इस टीम में डॉ वैभव नीमा के अतिरिक्त प्रो। रवि सिंदल, शैलेष सिंह चौहान, प्रो। प्रियंका शर्मा, प्रो। आशीष पांचाल, ऋषभ बड़जात्या, आस्था गुप्ता और अमित साहनी शामिल हैं जिन्होंने ढाई वर्ष की कड़ी मेहनत के बाद यह बड़ी कामयाबी हासिल की है।

