खुद को जिंदा साबित करने के लिए उठाया ये खौफनाक कदम
Rajasthan Crime News: राजस्थान के बालोतरा जिले में एक दंग कर देने वाला मुद्दा सामने आया है। जहां एक आदमी ने अपने खौफनाक कदम से सबको दंग कर दिया। आरोपी आदमी बाबूराम ने सरकारी विद्यालय में प्रिंसीपल और टीचर पर चाकू से जानलेवा धावा कर दिया, इसकी वजह जानकार आप भी दंग हो जाएंगे।

आरोपी बाबूराम ने यह कदम स्वयं को जिंदा साबित करने के लिए उठाया। बाबूराम का मौत प्रमाण पत्र बनवा दिया गया है। जिससे बाबूराम स्वयं को जिंदा साबित करने के लिए ये सब कर रहा है। बाबूराम ने पहले भी स्वयं को जिंदा साबित करने का कोशिश किया, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।
सरकारी विद्यालय में शिक्षकों पर किया हमला
बालोतरा जिले के बेरा धरणा गांव में आरोपी आदमी बाबूराम ने स्वयं को जिंदा साबित करने के लिए क्राइम से का रास्ता चुना। उसने गत 19 जुलाई को सरकारी विद्यालय में घुसकर अध्यापकों पर चाकू से धावा कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना से गांव में हडकंप मच गया।
साथ ही लोगों में भय का माहौल भी बन गया। इस दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुद्दे की जानकारी और साक्ष्य जुटाएं। इसके बाद मुद्दे में पुलिस ने ट्रेस करते हुए आरोपी बाबूराम को सोमवार शाम को अरैस्ट किया। इस दौरान आरोपी से पूछताछ में पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। जिसको सुनकर पुलिस के होश उड़ गए।
स्कूल के बच्चों को बंधक बनाने का था विचार
पुलिस ने कहा कि पूछताछ में आरोपी ने कहा कि वह इससे पहले भी स्वयं को जिंदा साबित करने के लिए अपने मिठोड़ा गांव में मोबाइल टावर पर चढ़ गया था। आरोपी का बोलना है कि वह अपने जिंदा होने का प्रमाण देना चाहता है कि वो अभी जिंदा है, लेकिन उसे अभी तक कामयाबी नहीं मिली। बाबूलाल ने कहा कि वह बीते दिनों रोजगार की तलाश में गुजरात गया था, लेकिन वहां उसे रोजगार नहीं मिला।
इसके बाद वह वापस अपने गांव सिवाना आ गया। जहां उसने स्वयं को जिंदा साबित करने के लिए प्रशासन को पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की धमकी दी। इस बीच विद्यालय को देखकर उसके दिमाग में बच्चों को बंधक बनाने का विचार आया, लेकिन इस दौरान ही उसने विद्यालय के प्रिंसिपल और अध्यापक को चाकू मारकर घायल कर दिया।
खुद को जिंदा साबित करने के लिए उठाया खौफनाक कदम
आरोपी बाबूराम को अरैस्ट करने के बाद पुलिस ने उससे घटना की गहनता से पूछताछ कि तो उसके उत्तर से पुलिस भी चौंक गई। आरोपी ने कहा कि उसका मौत का प्रमाण पत्र बना हुआ है और उसे मृत घोषित कर दिया गया है।
इस कारण वह परेशान है, उसको डर है कि उसकी पत्नी और बच्चों के साथ कोई अनहोनी ना हो जाए। कहीं उसकी संपत्ति को कोई खुर्दबुर्द ना कर दे। इस डर से आरोपी बाबूराम स्वयं को जिंदा साबित करने के लिए क्राइम करना चाहता था, ताकि सबको पता लग सके कि वह जिंदा है।

