मल्लिकार्जुन खड़गे : महिला आरक्षण विधायक का हमने हमेशा से किया समर्थन
नई दिल्ली. नयी संसद में मंगलवार को राज्यसभा का पहला कार्य दिवस रहा. इस दौरान पीएम मोदी राज्यसभा में आए और उन्होंने स्त्री आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम), जी-20, राष्ट्र की नयी संसद और पुरानी संसद जैसे जरूरी विषयों का जिक्र किया.

नई संसद में राज्यसभा की पहली बैठक में पीएम ने बोला कि मैं आज यहां राज्यसभा के सभी सांसद साथियों से आग्रह करने आया हूं कि जब भी स्त्री आरक्षण बिल हमारे सामने आए तो आप सब सर्वसम्मति से उस पर फैसला करें.
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बोला कि स्त्री आरक्षण विधायक का हमने हमेशा से समर्थन किया है. 2010 में राज्य सभा में कांग्रेस-यूपीए गवर्नमेंट ने स्त्री आरक्षण विधेयक पास करवाया था.
खड़गे ने बोला कि राजनीति में जिस प्रकार एससी/एसटी वर्ग को कानूनी अवसर मिला है, उसी प्रकार ओबीसी वर्ग की महिलाएं समेत सभी को इस विधयेक से सामान मौका मिलना चाहिए.
नेता प्रतिपक्ष का बोलना है कि मोदी गवर्नमेंट जो विधेयक लाई है, उसको गौर से देखने की ज़रुरत है. विधेयक के मौजूदा प्रारूप में लिखा है कि यह 10 वर्षीय सेंसस और डीलिमिटेशन के बाद ही लागू किया जाएगा.
खड़गे ने बोला कि इसका मतलब, मोदी गवर्नमेंट ने शायद 2029 तक स्त्री आरक्षण के दरवाज़े बंद कर दिए हैं. बीजेपी को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए.
इससे पहले राज्यसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने बोला कि लोकसभा में स्त्री आरक्षण विधेयक पेश किया गया है. यह विधेयक नारी सशक्तिकरण से जुड़ा है. स्त्री सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने बोला कि बेटियों के लिए सैनिकों विद्यालयों के दरवाजे खोले गए हैं.
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का जिक्र करते हुए पीएम ने बोला कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का अभियान गवर्नमेंट का कार्य़क्रम नहीं है, बल्कि इसे समाज ने अपनाया है. इसके साथ ही उन्होंने मुद्रा और जन धन योजना की भी बात की और बोला कि मुद्रा योजना से लेकर जन धन योजना तक में स्त्रियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
प्रधानमंत्री ने यह भी बोला कि सभी सांसदों की सहायता से तीन तलाक के विरुद्ध कदम उठाया गया. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि राज्यसभा राज्य का अगुवाई भी करता है. कोविड-19 काल के दौरान राज्य और केंद्र ने मिलकर संघवाद को परिभाषित किया.
राज्यसभा में बोलते हुए पीएम ने बोला कि हमने संकट के समय ही नहीं बल्कि उत्सव के दौरान भी हिंदुस्तान की ताकत को पेश किया और दुनिया को प्रभावित किया है.
उन्होंने जी-20 शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए बोला कि, जी-20 शिखर सम्मेलन दिल्ली में हुआ, लेकिन इससे पहले इसको लेकर कई बैठकें राष्ट्र के भिन्न-भिन्न हिस्सों में हुई.
प्रधानमंत्री ने राज्यों को इसका श्रेय देते हुए बोला कि यह राज्यों के योगदान के कारण हुआ. नयी संसद में संघवाद का नजारा दिख रहा है. इसमें राज्यों ने हमारा साथ दिया. दिवारों पर जो कला दिख रही है उसको विभिन्न राज्यों ने भेजा. पुरानी संसद में हमने आजादी का अमृत महोत्सव बड़ी शान से मनाया.

