इस पहाड़ी खीर के स्वाद के आगे पानी भरती हैं महंगी मिठाइयां, मानसून में ही होती है उपलब्ध
उत्तराखंड की परंपराओं में भोजन की खास स्थान है। यहां के पारंपरिक व्यंजनों में झंगोरे की खीर का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। झंगोरा जिसे अंग्रेजी में बार्नयार्ड मिलेट बोला जाता है। पहाड़ी क्षेत्रों में उगाया जाने वाला एक पारंपरिक अनाज है। यह न सिर्फ़ स्वादिष्ट होता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी बहुत लाभ वाला माना जाता है। यही वजह है कि झंगोरे की खीर आज भी पर्व-त्योहारों, खास आयोजनों और बारिश या सर्दी के मौसम में विशेष रूप से बनाई जाती है।
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बागेश्वर के रहने वाले विरेन्द्र सिंह ने लोकल 18 से कहते हैं कि इस खीर को बनाने की विधि बहुत सरल है, लेकिन स्वाद में यह लाजवाब होती है। सबसे पहले झंगोरे को पानी में अच्छे से धोकर 15–20 मिनट तक भिगोया जाता है। इसके बाद दूध को धीमी आंच पर उबालते हुए उसमें झंगोरा डाल दिया जाता है। झंगोरा दूध में पकते-पकते गाढ़ा हो जाता है। फिर इसमें स्वादानुसार चीनी, इलायची पाउडर और कटे हुए सूखे मेवे जैसे काजू, बादाम, किशमिश आदि डाले जाते हैं। जब खीर अच्छी तरह गाढ़ी हो जाए और झंगोरा पूरी तरह पक जाए, तो इसे गरमागरम परोसा जाता है।
सेहत के लिए रामबाण
झंगोरा एक ग्लूटन-फ्री अनाज है, जिससे यह डायबिटीज के मरीजों और वजन कम करने की चाह रखने वालों के लिए आदर्श विकल्प बन जाता है। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है। जिससे यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। झंगोरे में आयरन और कैल्शियम भरपूर होता है, जो हड्डियों को मजबूत करता है। शरीर को अंदर से पोषण देता है। बार्नयार्ड मिलेट यानी झंगोरा उन कुछ अनाजों में से एक है, जो कम कैलोरी और उच्च पोषण केइ कारण आने वाले समय में सुपरफूड की श्रेणी में गिना जा सकता है। इसके सेवन से शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है। यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायता करता है।
पहाड़ी थाली की जान
बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ जैसे जिलों में आज भी झंगोरे की खीर त्योहारों या अतिथियों के स्वागत में जरूर बनाई जाती है। बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक इसका स्वाद बड़े चाव से लेते हैं। यह न सिर्फ़ एक स्वादिष्ट मिठाई है, बल्कि एक ऐसा व्यंजन है जो पहाड़ों की सांस्कृतिक और स्वास्थ्यपरक धरोहर को जीवित रखे हुए है। यदि आप कभी उत्तराखंड जाएं, तो झंगोरे की खीर जरूर चखें। यह स्वाद और स्वास्थ्य का ऐसा मेल है जिसे भूल पाना कठिन है। बागेश्वर में आप झंगोरे को 300 से 500 रुपये किलो तक खरीद सकते हैं।

