हेल्थ को ध्यान में रखते हुए बचे इस तरह की मिठाइयों से…

खुद रखें सावधानी
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय, जनपद बलिया, डाक्टर वेद प्रकाश मिश्रा के अनुसार, “होली निकट है, और विभाग लगातार सतर्कता बरत रहा है। जनता को भी सतर्क किया जा रहा है कि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर ध्यान दें।” हालांकि हर वर्ष होली के मौके पर संबंधित विभाग सर्तक रहता फिर भी लोग गलत मिठाइयां न सिर्फ़ बनाते हैं बल्कि बेचते भी हैं। इसलिए स्वयं से सावधान रहना महत्वपूर्ण है।
चमकदार मिठाई जान की दुशमन
त्योहार के दौरान मिठाइयों को सुन्दर और चमकदार बनाने के लिए कुछ दुकानदार अधिक मात्रा में रंगों का इस्तेमाल करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसलिए अधिक रंगों वाली मिठाई से दूर ही रहें। याद रखें कि जो मिठाई अलग से चटख रंग की दिखे और जो बेतहाशा चमक रही हो, वो पक्की मिलावटी है।
वर्क कर लें चेक
मिठाइयों पर चांदी के वर्क का इस्तेमाल आमतौर पर किया जाता है, लेकिन कई बार अधिक फायदा कमाने के लिए कुछ दुकानदार एल्युमिनियम के वर्क का इस्तेमाल कर लेते हैं। यह शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए मिठाइयों पर सिर्फ़ वास्तविक चांदी के वर्क का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। पहचान के लिए जान लें कि वास्तविक चांदी का वर्क उंगलियों से रगड़ने पर तुरंत घुलकर गायब हो जाता है। नकली एल्युमिनियम वर्क को रगड़ने पर वह मुड़ता रहेगा और हटेगा नहीं।
जलाकर देखें, पानी में डालकर देखें
बासी मिठाइयों में अजीब सी गंध आती है और उनका स्वाद फीका या खट्टा हो सकता है। बासी मिठाई सख्त, चिपचिपी या अजीब-सी बनावट वाली हो सकती है। अधिक चमकदार और अधिक रंगीन मिठाइयों से बचें, क्योंकि इनमें मिलावटी रंग होने की आसार अधिक होती है। मिठाई को पानी में घोलें यदि पानी रंगीन हो जाता है तो रंग केमिकल वाला है नेचुरल नहीं जो हानि करेगा। इसके अतिरिक्त मिठाई को आग पर रखें। वास्तविक मिठाई धीरे-धीरे समय लेकर जलेगी जबकि नकली मिठाई झट से जल जाएगी। इस होली अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए शुद्ध और ताजे खाद्य पदार्थों का ही सेवन करें।

