जानिए क्यों मनाई जाती है महाशिवरात्रि…
सनातन धर्म में महाशिवरात्रि के त्योहार को बहुत विशेष माना जाता है। महाशिवरात्रि का त्योहार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन मनाया जाता है। वही इस वर्ष 8 मार्च के दिन महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस बार महाशिवरात्रि पर कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जिसके कारण महाशिवरात्रि और भी खास बन गई है। महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है? इसको लेकर कई तथ्य है आइये आपको इससे जुड़े कुछ तथ्य…

शिव-पार्वती विवाह:
कुछ पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाशिवरात्रि को ईश्वर शिव और माता पार्वती का शादी हुआ था। यह शादी हिंदुओं के लिए एक जरूरी घटना है और इसे ‘शिवरात्रि विवाह’ के नाम से जाना जाता है। इस दिन भक्त ईश्वर शिव और माता पार्वती की शादी की खुशी में उत्सव मनाते हैं।
शिव की तंद्रा:
एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, महाशिवरात्रि को ईश्वर शिव योग निद्रा में चले जाते हैं। यह माना जाता है कि इस दिन ईश्वर शिव ‘सृष्टि के विनाश’ के लिए योग निद्रा में जाते हैं। इस दिन भक्त ईश्वर शिव की पूजा करते हैं और उन्हें जगाने का कोशिश करते हैं।
आत्म-साक्षात्कार:
महाशिवरात्रि को आत्म-साक्षात्कार और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी जरूरी माना जाता है। यह माना जाता है कि इस दिन ईश्वर शिव की कृपा से भक्त आत्म-साक्षात्कार प्राप्त कर सकते हैं। इस दिन भक्त ध्यान, योग और पूजा करते हैं।
व्रत और पूजा:
महाशिवरात्रि के दिन भक्त व्रत रखते हैं और ईश्वर शिव की पूजा करते हैं। व्रत में भक्त 24 घंटे तक उपवास करते हैं और सिर्फ़ पानी और फल का सेवन करते हैं। पूजा में ईश्वर शिव को बेल पत्र, फल, फूल, दूध और जल अर्पित किया जाता है। भक्त “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप भी करते हैं।
मंदिरों में उत्सव:
महाशिवरात्रि के दिन राष्ट्र भर के सभी शिव मंदिरों में विशेष उत्सव आयोजित किए जाते हैं। इन उत्सवों में भक्त ईश्वर शिव की पूजा करते हैं, भजन गाते हैं और नृत्य करते हैं। मंदिरों को रंगीन रोशनी से सजाया जाता है और विशेष भोग लगाया जाता है।
महाशिवरात्रि का महत्व:
महाशिवरात्रि हिंदुओं के लिए एक जरूरी त्योहार है।
यह त्योहार ईश्वर शिव के प्रति भक्ति और सरेंडर का प्रतीक है।
इस दिन भक्त व्रत रखकर और पूजा करके ईश्वर शिव से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
यह त्योहार आत्म-साक्षात्कार और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी जरूरी माना जाता है।
महाशिवरात्रि हिंदुओं के लिए एक जरूरी त्योहार है। यह त्योहार ईश्वर शिव के प्रति भक्ति और सरेंडर का प्रतीक है। इस दिन भक्त व्रत रखकर और पूजा करके ईश्वर शिव से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। यह त्योहार आत्म-साक्षात्कार और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी जरूरी माना जाता है।

