15 साल बाद अक्टूबर में हुई ऐसी बारिश, पूरी तरह बदल गया मौसम
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. अक्टूबर के पहले सप्ताह में हुई लगातार बारिश ने 15 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. छह और सात अक्तूबर को जिले में कुल 53 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो बीते डेढ़ दशक में सबसे अधिक है.
मौसम विभाग के अनुसार, सिर्फ़ छह अक्तूबर को 19.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि अगले दिन यानी सात अक्तूबर को 33.5 मिलीमीटर वर्षा हुई. इस दो दिन की बारिश ने न सिर्फ़ पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त किया, बल्कि मौसम को भी पूरी तरह बदल दिया.

सितंबर में भी टूटा था रिकॉर्ड
इससे पहले सितंबर के पहले हफ्ते में भी जोरदार बारिश ने 15 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था. तब तीन दिनों में औसतन 130 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हुई थी. लगातार दो महीनों में बारिश के रिकॉर्ड टूटने से मौसम जानकार भी दंग हैं.
मौसम विभाग का बोलना है कि इस बार मानसूनी सिस्टम सामान्य से अधिक एक्टिव रहा है, जिससे अक्टूबर के शुरुआती दिनों में भी वर्षा का सिलसिला जारी रहा.
मौसम हुआ सुहावना, तापमान में गिरावट
बारिश के बाद जिले में मौसम पूरी तरह बदल गया है. अधिकतम तापमान जहां पहले 33-34 डिग्री तक पहुंच रहा था, वहीं अब यह घटकर 29.5 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है. न्यूनतम तापमान में भी करीब 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है.
सुबह-शाम की ठंडक लोगों को सर्दियों की मामूली आहट का एहसास कराने लगी है. क्षेत्रीय निवासी अनिल चौहान कहते हैं, “अक्तूबर की आरंभ में इतनी ठंडक पहले कभी महसूस नहीं हुई थी. हवा में नमी और मामूली ठंड दोनों का असर एक साथ दिख रहा है.”
फसलों को मिला फायदा
कृषि विभाग के ऑफिसरों के मुताबिक, यह बारिश धान, गन्ना और सब्ज़ी की फसलों के लिए लाभ वाला साबित हुई है. फसलों को प्राकृतिक नमी मिलने से सिंचाई की लागत घटेगी. हालांकि कुछ निचले इलाकों में जलभराव की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिन पर प्रशासन ने राहत कार्य प्रारम्भ कर दिए हैं.
जलभराव और बिजली कटौती की समस्या
शहर के कुछ हिस्सों जैसे शास्त्रीनगर, सोतीगंज और गढ़ रोड क्षेत्र में लगातार हुई बारिश से जलभराव की स्थिति बनी रही. कई इलाकों में बिजली भी घंटों बाधित रही. नगर निगम की टीमों को पानी निकालने में देर रात तक मशक्कत करनी पड़ी.
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र मेरठ के अनुसार, फिलहाल आसमान में हल्के बादल बने रहेंगे, लेकिन अगले तीन-चार दिनों तक भारी बारिश की आसार नहीं है. विभाग ने कहा कि अक्टूबर के मध्य तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में धीरे-धीरे और गिरावट आएगी.
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डाक्टर जे।पी। शर्मा ने कहा कि, “यह बारिश मानसून के लौटने से पहले की आखिरी सक्रियता मानी जा सकती है. अब हवाएं धीरे-धीरे उत्तर दिशा से चलनी प्रारम्भ होंगी, जिससे अक्टूबर के अंत तक मामूली सर्दी बढ़ने लगेगी.”
लोगों ने ली राहत की सांस
बारिश के बाद शहर की हवा भी साफ हो गई है. प्रदूषण का स्तर गिरा है और लोगों ने राहत महसूस की है. लगातार दो महीनों की रिकार्डतोड़ बारिश के बाद अब लोग सर्दियों के स्वागत की तैयारी में जुट गए हैं.

