राष्ट्रीय

बलौदाबाजार हिंसा और आगजनी मामले में हुई एक और गिरफ्तारी

बलौदाबाजार अत्याचार और आगजनी मुद्दे में एक और गिरफ्तारी हुई है. 25 सितंबर 2024 को आरोपी भरत टंडन को अरैस्ट किया गया, जो इस घटना में प्रमुख किरदार निभा रहा था. आरोपी भरत टंडन, जो दुर्ग जिले के कोपेडीह गांव का रहने वाला है. आरोपी को अरैस्ट कर न्यायालय

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10 जून 2024 को तोड़फोड़ और आगजनी की घटना में पुलिस ने अब तक 185 आरोपियों को अरैस्ट किया है. इस घटना में शामिल आरोपियों की पहचान वीडियो, फोटो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साधनों के माध्यम से की जा रही है.

पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और उनकी पहचान करने के लिए तकनीकी विश्लेषण कर रही है.

बलौदाबाजार अत्याचार की टाइमलाइन…

  • 15 मई: सतनामी समुदाय के धार्मिक स्थल गिरौदपुरी धाम से करीब 5 किमी मानाकोनी बस्ती स्थित बाघिन गुफा में लगे धार्मिक चिन्ह जैतखाम को देर रात क्षतिग्रस्त कर दिया गया था.
  • 16 मई : सुबह लोगों को पता चला तो उन्होंने मौके पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.
  • 17 मई : पुलिस ने मुद्दा दर्ज कर किया.
  • 19 मई : मानाकोनी बस्ती में समाज के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर चक्का-जाम किया था. इस दौरान समाज के गुरु और पूर्व मंत्री रुद्रकुमार ने कार्रवाई की मांग की, वहीं गुरु खुशवंत साहेब ने कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट में हुए प्रदर्शन की याद दिलाई.
  • 19 मई : पुलिस ने इस मुद्दे में बिहार निवासी 3 आरोपियों को अरैस्ट किया. पूछताछ में पता चला कि नल-जल योजना कार्य में ठेकेदार पैसे नहीं दे रहा था. इसलिए शराब के नशे में आरोपियों ने तोड़फोड़ कर दी.
  • 20 मई : समाज के लोगों की बैठक हुई. इसमें बोला गया कि गलत आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. जो गुनेहगार हैं, उन्हें पकड़ा जाए. वहीं आंदोलन की रूप रेखा तैयार हुई.
  • 21 मई : पुलिस और प्रशासन को दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर ज्ञापन सौंपा गया. इसके बाद से ही लगातार समाज के लोग आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग करते रहे.
  • 08 जून : कलेक्टर ने प्रशासनिक अफसरों, पुलिस अफसरों और समाज के लोगों के साथ शांति समिति की बैठक बुलाई. इसमें अपील की गई कि आंदोलन से बचें. साथ ही जांच में तेजी लाने की बात कही गई.
  • 09 जून: डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच कराने के निर्देश दिए. इसी दिन प्रशासन की अनुमति से कलेक्ट्रेट के पास दशहरा मैदान में समाज ने 10 जून को एक दिवसीय प्रदर्शन की अनुमति मांगी.
  • 10 जून : इसी प्रदर्शन के दौरान अचानक से लोग उग्र हो गए और बवाल बढ़ता चला गया. अत्याचार के दौरान कलेक्टर-एसपी कार्यालय में आगजनी की गई. कई गाड़ियां जला दी गई.
  • 10 जून : सीएम विष्णुदेव साय ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. इसमें विद्रोहियों की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए गए. मौके पर IG और कमिश्नर को भेजकर रिपोर्ट तलब की गई है, 7 भिन्न-भिन्न FIR दर्ज की गई. 73 आरोपी अरैस्ट हुए, 200 हिरासत में लिए गए. विद्रोहियों की तलाश के लिए पुलिस की 12 टीमें और जांच के लिए 22 पुलिस अफसरों की टीम बनाई गई.
  • 11 जून : पुलिस ने शाम तक 100 से अधिक आरोपियों को अरैस्ट किया. विद्रोहियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 12 टीमें बनाई गईं. कई स्थान छापामार कार्रवाई. सीएम विष्णुदेव साय ने मीटिंग में ऑफिसरों की बैठक लेकर नाराजगी जताई. देर रात आईएएस दीपक सोनी को नया कलेक्टर और विजय अग्रवाल को नया एसपी नियुक्त किया गया. हटाए गए कलेक्टर केएल चौहान को मंत्रालय में विशेष सचिव और एसपी सदानंद कुमार को पुलिस मुख्यालय भेजा
  • 12 जून : बीजेपी के आरोपों पर पूर्व मंत्री गुरु रुद्र कुमार गिरफ्तारी देने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे. उन्होंने मंत्रियों के माफी नहीं मांगने पर मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी दी.
  • 13 जून : कांग्रेस पार्टी की 7 सदस्यीय जांच टीम घटना स्थल पर पहुंची. उसने धार्मिक स्थल पर पूजा-अर्चना की. टीम के संयोजक और पूर्व मंत्री डाक्टर शिव कुमार डहरिया ने बोला कि, जैतखाम को क्षतिग्रस्त किया गया, तब FIR भी नहीं हुई.
  • 15 जून: भीम रेजिमेंट के रायपुर संभाग अध्यक्ष जीवराखन बांधे जगदलपुर से गिरफ्तार, सूत्रों के अनुसार प्रदेश उपाध्यक्ष उमेश सोनवानी को भी रायपुर से पकड़ा गया.
  • 17 जून: प्रशासन ने जिले में 20 जून तक धारा-144 बढ़ा दी.
  • 18 जून: कांग्रेस पार्टी ने प्रदेशस्तरीय धरना प्रदर्शन किया.
  • 21 जून: एक आरोपी अरैस्ट किया गया जिसने बवाल के दौरान कलेक्ट्रेट के बाहर तिरंगा फहराने वाले पोल पर सफेद झंडा लगाया था. 21 जून को शहर में लगाई गई धारा-144 जिला कार्यालय तक सीमित की गई.
  • 25 जून: घटना के 7 और आरोपी गिरफ्तार.
  • 29 जून: भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश आजाद, प्रदेश महासचिव राम स्वरूप महिलांगे और एक आरोपी को अरैस्ट किया गया.
  • 6 जुलाई: युवा कांग्रेस पार्टी जिलाध्यक्ष शैलेंद्र बंजारे और प्रवीण महिलांगे को पुलिस ने अरैस्ट किया.
  • 7 जुलाई: जांजगीर-चांपा में भीम आर्मी का पूर्व जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश बंजारे अरेस्ट हुआ.
  • 15 जुलाई: हिंसा की रणनीति बनाने वाला मोहन बंजारे समेत 4 और गिरफ्तार.
  • 16 अगस्त: कांग्रेस पार्षद पंकज उर्फ गोल्डी मरैया को बुधवार को अरैस्ट किया गया. आगजनी करने के इल्जाम में किसी जनप्रतिनिधि की यह पहली गिरफ्तारी है.
  • 18 अगस्त: बलौदाबाजार अत्याचार मुद्दे में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव को अरैस्ट कर लिया गया है.
  • 25 सितंबर: दुर्ग जिले का रहने वाला आरोपी भरत टंडन गिरफ्तार. अब तक 185 की गिरफ्तारी.

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