कल संसद में बड़ा दिन होने वाला है. वहीं बीजेपी (भाजपा) ने गुरुवार को अपने सभी लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है. इसमें उनसे शुक्रवार को लोकसभा में उपस्थित रहने और गवर्नमेंट के पक्ष में मतदान करने को बोला गया है. इस दिन वित्त साल 2025-26 के लिए बजट पारित किया जाएगा. भाजपा ने व्हिप में कहा, ‘सभी सांसदों को सूचित किया जाता है कि शुक्रवार को कई आर्थिक सहायता मांगों पर चर्चा के बिना ही मतदान (गिलोटिन) किया जाएगा. इसलिए सभी सांसदों की उपस्थिति जरूरी है.‘

गिलोटिन क्या है?
गिलोटिन एक संसदीय प्रक्रिया है जिसमें बिना अधिक बहस के विधेयक पारित किया जाता है. यह तब किया जाता है जब गवर्नमेंट किसी विधेयक को शीघ्र पास कराना चाहती है और विपक्ष इसे रोकने की प्रयास करता है.
बजट सत्र की खास बातें
बता दें कि, एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2025-26 पेश किया. इस बजट में टैक्स में बड़ी राहत दी गई थी. बता दें कि, अब 12.75 लाख रुपये सालाना (लगभग 1 लाख रुपये मासिक) कमाने वाले पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा. इससे मध्यम वर्ग को लाभ होगा और घरेलू बचत बढ़ेगी. वहीं गवर्नमेंट ने बजट में गरीब, युवा, किसान और स्त्रियों (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) पर खास ध्यान दिया है. इसके साथ ही कृषि, लघु उद्योग (एमएसएमई), निवेश और निर्यात को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है. वित्त मंत्री ने बोला कि GST लागू होने के बाद अप्रत्यक्ष करों का बोझ कम हुआ है.
पीएम मोदी की बजट पर प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2025 को हिंदुस्तान के विकास का फोर्स मल्टीप्लायर बताया. उन्होंने कहा, यह 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की आकांक्षाओं का बजट है, जो हर नागरिक के सपनों को पूरा करेगा.
बिहार पर विशेष ध्यान, विपक्ष का विरोध
इस बार के बजट में बिहार के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गईं. जिसमें मखाना बोर्ड का गठन, पटना एयरपोर्ट का विस्तार और नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाए जाएंगे. वहीं पश्चिम कोसी नहर परियोजना को वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे 50,000 हेक्टेयर भूमि पर खेती करने वाले किसानों को लाभ होगा. इसके साथ ही खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान (एनआईएफटीईएम) की स्थापना होगी, जिससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. इसे लेकर कांग्रेस पार्टी नेता जयराम रमेश ने बोला कि बिहार को चुनावी लाभ के लिए अधिक फायदा दिया गया, लेकिन आंध्र प्रदेश को अनदेखा किया गया. बिहार में इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए इसे अधिक लाभ दिया गया है.