भारत ने अफगानिस्तान को लेकर पेश किया ये पक्ष, इन लोगों को होगा फायदा
तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद बंद हुई हिंदुस्तान की वीजा सेवाएं चार वर्ष बाद फिर से प्रारम्भ कर दी गई हैं। हिंदुस्तान गवर्नमेंट ने अफगान नागरिकों के लिए छह श्रेणियों में वीजा जारी करना प्रारम्भ कर दिया है। इसे कूटनीतिक दृष्टि से भारत-अफगानिस्तान संबंधों की बहाली की दिशा में जरूरी कदम बताया जा रहा है।

सरकार की ओर से यह निर्णय अप्रैल के आखिरी हफ्ते में लिया गया, और इसका क्रियान्वयन सरकारी वीजा पोर्टल indianvisaonline.gov.in पर ‘नया अफगान वीजा मॉड्यूल’ लॉन्च करके किया गया। इस अधिसूचना के जरिये हिंदुस्तान ने संकेत दिया है कि वह तालिबान शासन के बावजूद मानवीय और सांस्कृतिक संबंधों को बनाए रखना चाहता है।
किस-किसको मिलेगा वीजा?
सरकारी पोर्टल पर बताई छह श्रेणियां इस प्रकार हैं…
छात्र वीजा – भारत में पढ़ाई के लिए
बिजनेस वीजा – व्यवसायी यात्रा और बिजनस पार्टनरशिप के लिए
मेडिकल वीजा – उपचार के लिए हिंदुस्तान आने वाले मरीजों के लिए
एंट्री वीजा – रिश्तेदारों, कलाकारों और विशेष परिस्थितियों के लिए
संयुक्त देश राजनयिक वीजा – यूएन से जुड़े अफगान राजनयिकों के लिए
तालिबान गवर्नमेंट आने के बाद बड़ी पहल
15 अगस्त 2021 को काबुल पर तालिबानी कब्जे के बाद हिंदुस्तान ने सभी वीजा सेवाओं को सुरक्षा कारणों से तुरन्त सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद हजारों अफगान नागरिकों, खासकर छात्रों, व्यापारियों और उपचार के इच्छुक लोगों के लिए हिंदुस्तान आना असंभव हो गया था।
अब जबकि हिंदुस्तान ने यह वीजा मॉड्यूल फिर से प्रारम्भ किया है, तो यह न सिर्फ़ मानवीय नजरिये से जरूरी है, बल्कि यह हिंदुस्तान की ‘पीपल-टू-पीपल कनेक्ट’ नीति का भी प्रतीक है, जो हमेशा अफगान लोगों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रही है।
भारत और अफगानिस्तान के बीच सांस्कृतिक, शैक्षणिक और चिकित्सा क्षेत्र में लंबे समय से गहरे संबंध रहे हैं। नयी वीजा सुविधा से हजारों अफगान विद्यार्थियों को हिंदुस्तान में उच्च शिक्षा फिर से प्रारम्भ करने का मौका मिलेगा, और साथ ही बीमार नागरिकों को जीवनरक्षक उपचार पाने का रास्ता भी खुलेगा।

