विधायक रमन अरोड़ा को भ्रष्टाचार के आरोप में किया गया गिरफ्तार
विजिलेंस ब्यूरो ने शुक्रवार को सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के जालंधर सेंट्रल से विधायक रमन अरोड़ा को करप्शन के इल्जाम में अरैस्ट कर लिया. विधायक को यहां अशोक नगर क्षेत्र में उनके घर पर सात घंटे की छापेमारी के बाद हिरासत में लिया गया. यह गिरफ्तारी उस एफआईआर के अनुसार की गई है, जिसके आधार पर करीब एक सप्ताह पहले नगर निगम के सहायक टाउन प्लानर (एटीपी) सुखदेव वशिष्ठ को अरैस्ट किया गया था.
अरोड़ा पर इल्जाम है कि उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को निर्माण मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए फर्जी नोटिस भेजने के लिए सुखदेव वशिष्ठ का इस्तेमाल किया. इसके बाद, उन्होंने कथित तौर पर नोटिस वापस लेने के बदले उनसे पैसे मांगे. कहा जाता है कि अरोड़ा सुबह अपने घर के पास स्थित एक मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे थे, तभी विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारी वहां पहुंचे और उन्हें अरैस्ट कर लिया. उन्हें सुबह 9 बजे घर लाया गया और उनके घर पर छापा मारा गया. लुधियाना के एसएसपी जगतप्रीत सिंह, जालंधर के एसएसपी (विजिलेंस ब्यूरो), हरप्रीत मंदर और डीएसपी (विजिलेंस ब्यूरो) निरंजन सिंह ने छापेमारी की, जबकि क्षेत्रीय पुलिस उनके घर के बाहर पहरा देती रही. विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारी कथित तौर पर अरोड़ा के घर पर नकदी गिनने वाली मशीन लेकर गए थे. ब्यूरो की टीमें शाम 4 बजे उन्हें अपने वाहन में उनके घर से ले गईं. बताया जा रहा है कि विजिलेंस ब्यूरो की टीम अरोड़ा के परिवार के सदस्यों और उनके निजी कर्मचारियों सहित और भी लोगों को अपने राडार पर ले सकती है, जिनमें से अधिकतर फरार बताए जा रहे हैं. अरोड़ा के विरुद्ध कार्रवाई की आशा पिछले करीब 10 दिनों से की जा रही थी, जब राज्य गवर्नमेंट के आदेश पर उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी.

