राष्ट्रीय

PM Modi ने डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए जनता को सुझाए आसान तरीके

डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) एक एकदम नए तरह का औनलाइन फ्रॉड है, जो तेजी से हिंदुस्तान में भी फैल रहा है. हालिया समय में देशभर में कुछ ऐसी ही घटनाएं रिपोर्ट की जा चुकी हैं, जिनमें फ्रॉड करने वालों ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके रखा और उनसे करोड़ों रुपये ऐंठ लिए. गवर्नमेंट भी ठगी के इस ढंग से दंग है और लोगों को अलर्ट रखने के लिए लगातार सतर्क कर रही है. यही कारण है कि अब पीएम मोदी (PM Modi) ने भी डिजिटल अरेस्ट को अपने ‘मन की बात’ (Mann ki Baat) पॉडकास्ट का हिस्सा बनाया है. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मंथली रेडियो कार्यक्रम के 115 वें एपिसोड में देशवासियों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ को लेकर सतर्क किया और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए ‘रुको-सोचो-एक्शन लो’ का मंत्र भी दिया.

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What is Digital Arrest?

शुरुआत करने से पहले आपको सबसे पहले यह बताते हैं कि आखिर ये डिजिटल अरेस्ट क्या होता है? डिजिटल अरेस्‍ट एक ऐसी औनलाइन ठगी है, जिसमें स्कैमर्स स्वयं को सरकारी अधिकारी दिखाकर लोगों से कॉन्टैक्ट (खासतौर पर वीडियो कॉल के जरिए) करते हैं और उनके किसी नकली अपराध में शामिल होने का दावा करते हैं. वे पीढ़ितों को धमकाते हैं कि यदि उन्होंने उनका (नकली सरकारी अधिकारी) साथ नहीं दिया, तो उन्हें भारी जुर्माना और लंबी कैद होगी. इसके बाद वे लोगों को पैसों की डिमांड पूरी करने के लिए कहते हैं. पीड़‍ित को इस तरह से जाल में फंसाया जाता है कि वह विवश होकर पैसे देने को राजी हो जाता है.

PM Modi on Digital Arrest

पीएम मोदी ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के बारे में बताने से पहले इससे जुड़ा एक वीडियो दिखाया, जिसके जरिए उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ की घटनाओं को किस तरह अंजाम दियाजाता है. उन्होंने कहा कि फ्रॉड करने वाले पुलिस, सीबीआई, नारकोटिक्स या RBI के अधिकारी बनकर लोगों को डराते और धमकाते हैं. पीएम ने डिजिटल अरेस्ट को फरेब बोला और कहा कि कैसे इस फरेब को अंजाम देने वाले लोगों को फंसाते हैं. पीएम ने कहा कि फ्रॉड करने वालों का का पहला दांव होता है कि वे आपकी सारी पर्सनल जानकारी जुटा कर रखते हैं. उनका दूसरा दांव अपने टार्गेट के सामने डर का माहौल बनाना होता है. पीएम ने बोला कि फ्रॉड करने वाले टेलीफोन कॉल पर इतना डरा देंगे कि आप कुछ सोच ही नहीं पाएंगे.

इसके बाद उन्होंने कहा कि फ्रॉड करने वालों का तीसरा दांव समय का अभाव दिखाना होता है, ये इतना मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते हैं कि आदमी डर जाता है और डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो जाता है.

PM Modi ने लोगों से बोला कि डिजिटल अरेस्ट का शिकार हर उम्र के लोग हो रहे हैं और डर की वजह से अपनी मेहनत से कमाए हुए लाखों रुपए गंवा रहे हैं. उन्होंने बोला कि यदि आपके पास इस तरह की कॉल आए तो आपको सबसे पहले डरना नहीं है. आपको पता होना चाहिए कि कोई भी जांच एजेंसी टेलीफोन या वीडियो कॉल के जरिए इस तरह पूछताछ कभी नहीं करती है.

PM Modi suggest steps to protect yourself

PM मोदी ने डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से बचने के लिए तीन स्टेप्स शेयर किए हैं. यह ‘रुको-सोचो-एक्शन लो’ मंत्र है.

  1. पहला स्टेप है ‘रुको’, जिसमें उन्होंने बोला कि लोगों को सबसे पहले रुकना चाहिए और पर्सनल जानकारी किसी से भी शेयर नहीं करनी चाहिए. यदि संभव हो तो स्क्रीनशॉट लेना चाहिए या रिकॉर्डिंग कर लेनी चाहिए.
  2. दूसरे स्टेप है ‘सोचो’, जहां लोगों को सोचना और समझना चाहिए कि कोई भी सरकारी एजेंसी टेलीफोन पर ऐसे धमकी कभी भी नहीं देती और वीडियो कॉल के जरिए पूछताछ करके पैसों की मांग नहीं करती है.
  3. तीसरा स्टेप है ‘एक्शन लो’, जहां लोगों को ऐसे फ्रॉड करने वालों के विरुद्ध तुरंत एक्शन लेना चाहिए. ऐसा करने के लिए आप साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करके आपके पास आई कॉल की सूचना दे सकते हैं या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं.

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