वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ जाएंगे अदालत : रामगोपाल यादव
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है. सपा के सांसद रामगोपाल यादव ने इस विधेयक को पूरी तरह गैरकानूनी करार देते हुए बोला कि इसके विरुद्ध न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए.

रामगोपाल यादव ने इल्जाम लगाया कि राष्ट्रपति ने अब तक विधेयक को स्वीकृति नहीं दी है, लेकिन यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कलेक्टरों को गैरकानूनी संपत्तियों को बरामद करने का आदेश पहले ही जारी कर दिया है. पूरा विपक्ष इस मामले पर एकजुट था और आगे भी एकजुट रहेगा.
सपा सांसद ने संसद सत्र के महत्व पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, जब तक सत्र चलता है, कुछ अच्छे काम होते हैं. लोगों के मामले उठाए जाते हैं. कभी उनका निवारण होता है, कभी नहीं, लेकिन कम से कम समस्याओं को सामने लाया जाता है और उन पर चर्चा होती है. सरकारी विधेयक पेश किए जाते हैं, जिनमें से कुछ उचित होते हैं, तो कुछ में विपक्ष और जनता को कमियां नजर आती हैं, जिन्हें उजागर किया जाता है.
दूसरी ओर, लोकसभा और राज्यसभा से पारित हो चुके वक्फ संशोधन विधेयक को पीएम मोदी ने ऐतिहासिक कदम कहा है. उन्होंने बोला कि इस विधेयक का पारित होना सामाजिक-आर्थिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास की दिशा में एक जरूरी क्षण है. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद बताया, जो लंबे समय से हाशिए पर रहे हैं और अवसरों से वंचित थे.
प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों का आभार जताया, जिन्होंने संसदीय और समिति की चर्चाओं में हिस्सा लिया और अपने सुझावों से इन विधेयकों को मजबूत बनाया. उन्होंने उन लोगों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने संसदीय समिति को अपने मूल्यवान सुझाव भेजे. पीएम ने कहा, एक बार फिर व्यापक बहस और संवाद का महत्व साबित हुआ है.
उल्लेखनीय है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 राज्यसभा में पारित हो गया है. इसके साथ ही विधेयक को संसद की स्वीकृति मिल गई है. ऊपरी सदन में गुरुवार को पेश होने के बाद करीब 12 घंटे चली चर्चा के उपरांत गुरुवार-शुक्रवार की रात को विधेयक पारित हुआ. इसके पक्ष में 128 और विरोध में 95 मत पड़े. लोकसभा पहले ही इसे स्वीकृति दे चुकी थी. इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ अधिनियम में संशोधन के जरिए वक्फ बोर्ड के ढांचे में परिवर्तन और कानूनी विवादों को कम करना है

