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एस कृष्णन ने ‘इनोवेशन’ और ‘आर्थिक विकास’ को लेकर कही ये बड़ी बात

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने बोला कि स्टार्टअप इनोवेशन और आर्थिक विकास के इंजन हैं. स्टार्टअप की असली दुनिया की चुनौतियों को हल करने की प्रतिबद्धता हिंदुस्तान के भविष्य को आकार दे रही है.

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इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार एक स्वायत्त निकाय, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इण्डिया (एसटीपीआई) द्वारा फंडेड लगभग 44 फीसदी स्टार्टअप में स्त्री उद्यमी हैं, जिनमें से कई टियर 2 और 3 शहरों से आती हैं.

एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार के अनुसार, आईटी मंत्रालय की नेक्स्ट जेनरेशन इनक्यूबेशन स्कीम (एनजीआईएस) के तहत, एसटीपीआई ने 685 स्टार्टअप को सपोर्ट किया है, 136 स्टार्टअप को सीड फंडिंग मौजूद करवाई है और 7,000 से अधिक नौकरियां पैदा की हैं.

राष्ट्रीय राजधानी में ‘एसटीपीआई संगम’ कार्यक्रम में एस कृष्णन ने हिंदुस्तान के आर्थिक भविष्य को आकार देने में स्टार्टअप की जरूरी किरदार पर बल दिया.

कृष्णन ने कहा, एनजीआईएस जैसी पहलों और एसटीपीआई संगम जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से, हम न सिर्फ़ स्टार्टअप को सपोर्ट कर रहे हैं, बल्कि एक ऐसा इकोसिस्टम बना रहे हैं, जहां विचार प्रभावशाली व्यवसायों में बदल जाते हैं. गवर्नमेंट इस परिदृश्य की फंडिंग, उद्यमियों को स्केल करने, इनोवेशन और हिंदुस्तान की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को आगे बढ़ाने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

कार्यक्रम में एसजीपीजीआईएमएस लखनऊ, एसटीपीआई, एआईएमईडी और एएमटीजेड के योगदान से एसटीपीआई मेडटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई), लखनऊ के ओपन चैलेंज प्रोग्राम (ओसीपी) 6.0 का शुरुआत भी किया गया.

यह पहल हेल्थ-टेक स्टार्टअप को सशक्त बनाने के लिए डिजाइन की गई है, जिससे उन्हें मेडिकल इक्विपमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स और हेल्थ इंफोर्मेटिक्स में असली दुनिया की चुनौतियों से निपटने में सहायता मिलेगी.

कुमार ने कहा, हर स्टार्टअप, चाहे वह महानगरों से हो या छोटे शहरों से, बढ़ने के लिए एक मंच के हकदार हैं. उनकी आकांक्षाओं को पोषित करना और उन्हें जरूरी संसाधन प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है. हम आज सिर्फ़ स्टार्टअप की कामयाबी की कहानियों का सम्मान नहीं कर रहे हैं, हम यह भी सोच रहे हैं कि कैसे सुधार कर सकते हैं, अपनी नीतियों को बेहतर बना सकते हैं, अपने आउटरीच का विस्तार कर सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हमारा स्टार्टअप इकोसिस्टम अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सके.

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव केके सिंह ने भी एक मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने बोला कि स्टार्टअप विकास में तेजी लाकर, हिंदुस्तान नए अवसरों को पैदा कर सकता है, रोजगार पैदा कर सकता है और आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर सकता है.

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