भारतीय तीरंदाजों को मजबूत तकनीकी अभ्यास का फायदा ओलंपिक में…
नयी दिल्ली. प्रसिद्ध तीरंदाजी कोच और मेंटोर किम ह्युंग ताक का मानना है कि हाल ही में विश्व कप में ऐतिहासिक स्वर्ण जीतने वाले भारतीय तीरंदाजों को मजबूत तकनीकी अभ्यास का लाभ ओलंपिक में मिलेगा जहां वे स्वर्ण पदक जीत सकते हैं. अभी तक तीरंदाजी में हिंदुस्तान के लिये एकमात्र ओलंपिक कोटा धीरज बोम्मादेवरा ने जीता है. किम ने सोनीपत में भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में कोचों के सेमिनार के संचालन के बाद बोला ,‘‘भारतीय रिकर्व टीम ने काफी दमदार तकनीकी अभ्यास किया है. इससे उन्हें ओलंपिक में अच्छे नतीजे मिलने में सहायता मिलेगी.’’ 
उन्होंने बोला ,‘‘ अभ्यास और तैयारियों में निरंतरता बनाये रखने से पेरिस में पदक जीतना संभव है.’’ भारतीय रिकर्व तीरंदाज तुर्की के अंताल्या में 14 से 17 जून तक होने वाले अंतिम क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट में टीम कोटा हासिल करने की प्रयास करेंगे. बोम्मादेवरा, तरूणदीप राय और प्रवीण जाधव ने 28 अप्रैल को शंघाई में ओलंपिक चैम्पियन दक्षिण कोरिया को हराकर 14 वर्ष बाद विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता था.
दुनिया भर में 30 राष्ट्रों में 500 से अधिक तीरंदाजों के साथ काम कर चुके किम ने बोला कि हिंदुस्तान के सीनियर तीरंदाज युवाओं की सहायता करने को तत्पर रहते हैं. उन्होंने बोला ,‘‘ कई युवा तीरंदाज है. दीपिका और तरूणदीप जैसे सीनियर उन्हें मार्गदर्शन देते हैं.इससे टीम बनाने में सहायता मिलती है.

