एआरओ का पर्चा लीक कराने के मामले में एसटीएफ ने अमित सिंह को किया गिरफ्तार
UPPSC Paper Leak 2024: समीक्षा अधिकारी (आरओ) / सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) का पर्चा लीक कराने के मुद्दे में एसटीएफ ने गुरुवार को कोचिंग संचालक अमित सिंह को अरैस्ट किया है. अमित को पूछताछ के लिए मुख्यालय बुलाया गया था. उसके बारे में नोएडा में अरैस्ट मुख्य आरोपी राजीव नयन ने काफी जानकारी दी थी. अमित गोमतीनगर में कॉमर्स की कोचिंग चलाता था. उसने कई अभ्यर्थियों को राजीव नयन से मिलवा कर लाखों रुपये वसूले थे. अमित ने साल 2020 में टीजीटी परीक्षा का पर्चा भी राजीव नयन के माध्यम से लेकर अभ्यर्थियों तक पहुंचाया था. वह मेरठ से पहले भी कारावास जा चुका है.
एसटीएफ के डिप्टी एसपी लाल प्रताप सिंह के अनुसार अमित लखनऊ के इंदिरा नगर सेक्टर-डी में रह रहा था. मूल रूप से वह गोण्डा के करनैलगंज स्थित पाण्डेय चौरा का रहने वाला है. अमित के साथ रैकेट में शामिल रहे बर्खास्त सिपाही अरुण कुमार सिंह और सौरभ शुक्ला को पहले ही अरैस्ट किया जा चुका है. इन दोनों के विरुद्ध कौशाम्बी के मंझनपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई थी. इन दोनों ने ही सबसे पहले राजीव नयन की अहम किरदार का खुलासा किया था. इसके बाद बीती दो अप्रैल को नोएडा में एसटीएफ ने राजीव को पकड़ लिया था. राजीव ने डाक्टर शरद को 25 लाख रुपये में आरओ भर्ती परीक्षा का पर्चा बेचा था. इस दौरान ही अमित सिंह का नाम सामने आया था.
बलिया के दोस्त की सहायता से राजीव से मिला
अमित ने एसटीएफ को कहा कि गोमती नगर में कोचिंग चलाने के दौरान उसकी मित्रता बलिया के दीपक दुबे से हुई थी. दीपक ने ही उसे प्रयागराज निवासी राजीव नयन उर्फ राहुल मिश्रा से मिलवाया था. अमित ने साल 2020-21 की टीजीटी परीक्षा का पर्चा पढ़वाने के लिये राजीव को 20 लाख रुपये दिये थे. राजीव ने बोला था कि वह सिपाही भर्ती और आरओ भर्ती परीक्षा का पर्चा लीक करायेगा. इसके लिये अमित ने राजीव को कई अभ्यर्थियों से मिलवाया था. तब सौदा 15 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी देना तय हुआ था. एसटीएफ की एक टीम अमित सिंह को लेकर कौशाम्बी रवाना हो गई है. उसे वहीं के मुकदमे में न्यायालय में पेश किया जायेगा.

