संभल में जफर अली की हो सकती है आजीवन कारावास
उत्तर प्रदेश के संभल में रविवार दोपहर पुलिस द्वारा अरैस्ट किए गए शाही जामा मस्जिद व्यवस्था समिति के अध्यक्ष जफर अली पर भारतीय इन्साफ संहिता (बीएनएस) की एक दर्जन धाराओं के अनुसार मुद्दा दर्ज किया गया था, जिनमें वे धाराएं भी शामिल हैं जिनके अनुसार उन्हें जीवन भर जेल की सजा हो सकती है. संभल में पिछले साल नवंबर माह में हुई अत्याचार के मुद्दे में पुलिस सपा (सपा) के सांसद जिया उर रहमान वर्क को पूछताछ के लिए नोटिस तामील कराने पहुंची, लेकिन वह और उनके परिवार का कोई नहीं मिला. ऑफिसरों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
संभल के समाजवादी पार्टी सांसद के दिल्ली आवास पर यूपी पुलिस ने दिया नोटिस
इस बीच, देर शाम बर्क के निजी सहायक अब्दुल रहमान ने टेलीफोन पर बताया, ‘‘हमें सांसद के (दिल्ली स्थित) आवास पर नोटिस मिला है. यूपी पुलिस ने हमें नोटिस दिया है. इसके पहले, संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि सांसद के निवास पर एसआईटी नोटिस तामील कराने गयी थी, लेकिन वह नहीं मिले. उन्होंने बोला था कि अब एसआईटी की टीम उनको नोटिस तामील कराने दिल्ली जाएगी.
सोमवार को विश्नोई ने पत्रकारों को कहा था कि 24 नवंबर की अत्याचार के संबंध में दर्ज मुद्दे में विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है. एसपी ने एक प्रश्न के उत्तर में बोला था कि सांसद वर्क मुद्दे में नामजद आरोपी हैं और इसके आधार पर उनका बयान दर्ज किया जाना महत्वपूर्ण है. पिछले साल क्षेत्रीय न्यायालय के आदेश पर संभल की जामा मस्जिद में एक सर्वेक्षण के दौरान हुए विरोध के फलस्वरूप अत्याचार भड़क गयी जिसमें चार लोगों की मृत्यु हो गयी और पुलिसवालों समेत अनेक लोग घायल हो गये थे.
संभल अत्याचार के बारे में और जानें
पिछले वर्ष 24 नवंबर को संभल की शाही जामा मस्जिद में अत्याचार भड़क उठी थी, जिसमें चार लोगों की जान चली गई थी. नवंबर 2024 में, मुरादाबाद के पुलिस आयुक्त अंजनेय कुमार सिंह ने संभल अत्याचार में कथित संलिप्तता के लिए जिया उर रहमान बर्क और एक क्षेत्रीय विधायक के बेटे के विरुद्ध दर्ज एफआईआर की पुष्टि की. जांच चल रही है. एफआईआर दर्ज की गई हैं. संभल के सांसद जिया उर रहमान बर्क और क्षेत्रीय विधायक के बेटे के विरुद्ध भड़काने के इल्जाम में एफआईआर दर्ज की गई है. 4 लोगों की मृत्यु हो गई है. घायलों का उपचार किया जा रहा है. मुरादाबाद पुलिस कमिश्नर ने कहा, “अगर आवश्यकता पड़ी तो कठोर कार्रवाई की जाएगी और एनएसए भी लगाया जाएगा.”
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में संभल एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि अत्याचार के बाद 800 लोगों के विरुद्ध कम्पलेन दर्ज की गई है. मीडिया को संबोधित करते हुए एसपी बिश्नोई ने कहा, “हमारे सब-इंस्पेक्टर दीपक राठी जो घायल हो गए हैं, ने 800 लोगों के विरुद्ध कम्पलेन दर्ज कराई है. जिया उर रहमान बर्क और सोहेल इकबाल को आरोपी बनाया गया है. उन्होंने बोला कि उन्होंने भीड़ को उकसाया. बर्क को पहले भी नोटिस दिया गया था. उन्होंने पहले भी भड़काऊ भाषण दिए थे और उन्हें ऐसा न करने के लिए बोला गया था.”
पुलिस ने जिया उर रहमान बर्क के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन संभल के सांसद ने इसे ‘पूर्व नियोजित’ घटना बताया. सपा के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने भी एएनआई से बात की और कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है; यह एक पूर्व नियोजित घटना है. पूरे राष्ट्र में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और इतनी बुरी स्थिति आजादी के बाद कभी नहीं हुई. जिस तरह से पूजा स्थल अधिनियम का उल्लंघन हो रहा है. एक के बाद एक याचिकाएं दाखिल की जा रही हैं और उसी दिन सुनवाई हो रही है और आदेश भी आ रहा है, उसी दिन डीएम और एसपी जाकर सर्वे कर रहे हैं. लोगों को नमाज पढ़ने से रोका जा रहा है. दोबारा सर्वे की क्या आवश्यकता थी?

