बिहार

पूर्व विधायक कॉमरेड अजीत सरकार का बहुचर्चित हत्याकांड का मामला आया सियासत केंद्र में…

पूर्णिया बिहार में लोकसभा चुनाव को देखते हुए पूर्णिया हॉट सीट बना हुआ है यहां कांग्रेस पार्टी नेता पप्पू यादव की बतौर निर्दलीय प्रत्याशी खड़ा होने को लेकर महागठबंधन में टकराव जारी है इस बीच पप्पू यादव को लेकर एनडीए ने नया मामला उछाल दिया है जिससे यहां की राजनीति गर्म हो गई है दरअसल, एक बार फिर पूर्व विधायक कॉमरेड अजीत गवर्नमेंट का बहुचर्चित हत्याकांड का मुद्दा राजनीति के केंद्र में आने लगा हैNewsexpress24. Com nda download 11zon 2024 04 09t171725. 260

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मंगलवार को एनडीए प्रत्याशी संतोष कुशवाहा समेत एनडीए के कई नेताओं ने अजीत गवर्नमेंट के वीरगति स्थल पर जाकर पुष्पांजलि की और वहां से अपने प्रचार अभियान की शुरूआत की इस मौके पर जदयू प्रत्याशी सांसद संतोष कुशवाहा ने निर्दलीय प्रत्याशी पप्पू यादव पर जमकर कटाक्ष किया उन्होंने बोला कि पूर्णिया और राष्ट्र का हर आदमी जानता है कि प्रख्यात विधायक कामरेड अजीत गवर्नमेंट की मर्डर किसने की थी

संतोष कुशवाहा का पप्पू यादव पर हमला
संतोष कुशवाहा ने बोला कि आज वह चुनावी मैदान में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में हैं और स्वयं को वाल्मीकि बताकर चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन, वह दिन लोग नहीं भूलेंगे जब 26 वर्ष पहले 1998 ईस्वी में पूर्णिया शहर के सुभाष नगर के पास गोलियों से छलनी कर विधायक कॉमरेड अजीत गवर्नमेंट समेत तीन लोगों की बेरहमी से मर्डर कर दी गई थी जदयू प्रत्याशी ने बोला कि चिकित्सक से लेकर व्यवसायियों तक से रंगदारी और वसूली करना यह इनकी पहचान रही है, लेकिन लोग सब समझ रहे हैं

लेसी सिंह ने पप्पू यादव पर निशाना साधा
वहीं, बिहार गवर्नमेंट के खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह ने बोला कि जनता इस बार हत्यारे और आपराधिक तत्व को मौका देने वाली नहीं है हर आदमी पीएम मोदी और नीतीश कुमार के साथ है राष्ट्र में 400 पार और पूर्णिया चार लाख पार का आंकड़ा पार करेगी इस मौके पर अमनौर के विधायक मंटू कुमार यादव समेत कई प्रमुख नेता भी उपस्थित थे

संजय सरावगी बोले-एनडीए की बंपर जीत
दरभंगा के विधायक संजय सारावगी ने बोला कि वह भी एक व्यवसायी परिवार से हैं 20 वर्ष पहले किस तरह से व्यवसायियों से रंगदारी वसूली जाती थी व्यवसायियों को अपना व्यवसाय बंद करना पड़ा था और यह हर आदमी जानता है आज वे लोग उस स्थल पर हैं जहां अजीत गवर्नमेंट की मर्डर हुई थी उन्होंने बोला कि इस बार बिहार की सभी चालीस सीटों पर एनडीए के प्रत्याशी जीतेंगे

जानिए अजीत गवर्नमेंट हत्याकांड
पूर्णिया के विधायक रह चुके अजीत गवर्नमेंट की मर्डर 14 जून 1998 को हुई थी उनको पूर्णिया में गोली मारी गई थी वे हरदा गांव से पंचायती कर लौट रहे थे मर्डर में एके-47 का इस्तेमाल हुआ था CBI ने मुद्दे की जांच की जिसमें पप्पू यादव के अतिरिक्त राजन तिवारी, अनिल यादव, अमर यादव, हरीश चौधरी आदि को आरोपी बनाया गया निचली न्यायालय से इनको सजा मिली, लेकिन पटना उच्च न्यायालय ने 17 मई, 2013 को पप्पू यादव, राजन तिवारी और अनिल यादव को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया

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