जानें बिहार की पॉलिटिक्स को हिलाने वाली सबकी फेवरेट वेब सीरीज़ का नाम…
अगर आप इतिहास, राजनीति और थ्रिल का संगम देखना चाहते हैं तो The Waking of a Nation आपके लिए एक दिलचस्प ऑप्शन है। ये सीरीज आपका मनोरंजन करने के साथ ही आपकी सोच को भी चैलेंज करती है। आप अबतक राजनीति के बारे में शायद जो भी सोच रखते होंगे वो इस सीरीज के बाद बदलने वाली है। इस सीरीज़ में मुख्य किरदार तारुक रैना, निकिता दत्ता, साहिल मेहता, भावशील सिंह साहनी ने अदा की है।

पॉलिटिकल वेब सीरीज The Waking of a Nation को प्रोड्यूस और डायरेक्ट राम माधवानी ने किया है। सीरीज में कुल 6 एपिसोड हैं। सेटअप है 1919 का भारत, जहां ब्रिटिश शासन के अधीन पंजाब में तनाव चरम पर है। मुख्य भूमिका कांतिलाल साहनी (Taaruk Raina) एक लॉयर हैं जिनकी आरंभ ब्रिटिश प्रबंध में विश्वास के साथ होती है, पर धीरे-धीरे उन्हें पता चलता है कि जलियावाला बाग नरसंहार केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी षड्यंत्र थी।
उनसे जुड़ते हैं उनके दो दोस्त और सहकर्मी — हरि और अली अ़ल्लाहबक्ष — और ये तीनों मिलकर ब्रिटिश कृषि कानूनों, राउलट एक्ट और ब्रिटिश जजमेंटल कमीशन के विरुद्ध लड़ते हैं। राजनीति, दोस्ती और विश्वास की इस कहानी में कोर्टरूम ड्रामा, जासूसी और देशभक्ति के रेट सभी उपस्थित हैं। सोनी लिव की इस पॉलिटिकल ड्रामा सीरीज की रेटिंग 7.6 है।
Freedom at Midnight: ये वेब सीरीज 1947 के विभाजन को पर्दे पर भली–भाँति दर्शाती है। इस सीरीज को प्रोड्यूस और डायरेक्ट निखिल आडवाणी ने किया है। इसमें प्रमुख भूमिकाओं में सिद्धांत गुप्ता (जवाहरलाल नेहरू के रूप में), चिराग वोहरा (महात्मा गांधी के रूप में), राजेंद्र चावला (सरदार पटेल के रूप में), आरिफ जकारिया (मुहम्मद अली जिन्ना) और भी कई नाम शामिल हैं।
यह सीरीज 1940-47 की पृष्ठभूमि में बनी है, जब हिंदुस्तान ब्रिटिश राज से आज़ादी की ओर भाग रहा था, और साथ ही पाक की मांग ने सब कुछ उलट-पुलट कर दिया था। मुख्य भूमिका नेहरू, गांधी, पटेल, जिन्ना आदि अपने-अपने विचारों और रणनीतियों के साथ उभरते हैं।
इस दौरान राजनीति, धर्म, शक्ति और मानव संबंधों की गुत्थियां जुड़ती जाती हैं। उदाहरण के तौर पर, खिताबी दृश्य-सिक्वेंस में ब्रिटिश वायसराय और भारतीय नेताओं के बीच लगातार संवाद और दबाव दिखाए गए हैं। सीरीज आपको बांधे रखती है। इसके कुल 7 एपिसोड हैं और हर एपिसोड का टाइम 40 मिनट के आसपास है।
सोनी लिव की लोकप्रिय वेब सीरीज ‘Maharani’ ने ओटीटी की दुनिया में राजनीति, सस्पेंस और ड्रामा का ऐसा तड़का लगाया है, जिसे दर्शक आज भी याद रखते हैं। इस सीरीज ने दिखाया कि एक साधारण गृहिणी जब हालातों के थपेड़ों से गुजरती है, तो कैसे वो पूरे सिस्टम को हिला देने वाली “महारानी” बन जाती है।
इस पॉलिटिकल ड्रामा सीरीज में हुमा कुरैशी ने मुख्य भूमिका रानी भारती का दमदार रोल निभाया है। उनके साथ सोहम शाह (भीमा भारती), अमित सियाल, कनु प्रिय, प्रमोद पाठक, विनीत कुमार, इनामुल अधिकार और कानी कुसरुति जैसे बहुत बढ़िया कलाकार हैं। इस सीरीज का निर्देशन सुबहष कपूर और रविंद्र गौतम ने किया है, जबकि कहानी भी सुभाष कपूर ने ही लिखी है।
Maharani की कहानी 1990 के दशक के बिहार की राजनीति से प्रेरित है। शो की आरंभ होती है रानी भारती (हुमा कुरैशी) से — जो एक अनपढ़, सीधी-सादी गृहिणी है और अपने पति भीमा भारती (सोहम शाह) के साथ गांव में रहती है। लेकिन जब राज्य के सीएम भीमा भारती पर जानलेवा धावा होता है, तो हालात ऐसे बनते हैं कि राजनीति की बड़ी साजिशों के बीच रानी को सीएम की कुर्सी पर बैठा दिया जाता है और बस यहीं से एक अनपढ़ गृहिणी का बिहार की राजनीति की महारानी बनने का यात्रा शुरु होता है।
इस लोकप्रिय सीरीज के कुल 3 सीजन आ चुके हैं। इसका चौथा सीजन भी जल्द ही रिलीज होने वाला है जिसका दर्शकों को बेसब्री से प्रतीक्षा है। हर सीजन में करीब 8 से 10 एपिसोड हैं, जिनकी लंबाई लगभग 40 से 50 मिनट की है। IMDb पर Maharani को 7.8/10 की मजबूत रेटिंग मिली है, जबकि दर्शकों ने सोशल मीडिया पर इसे “पॉलिटिकल गेम-चेंजर” बताया।
जब राजनीति, सत्ता और साजिशों का पिटारा खुलता है, तो सामने आती है मायासभा। एक ऐसा वेब-सीरीज जो दोस्तों को शत्रु में बदलने की जंग को बड़ी ही खूबसूरत और थ्रिलर अंदाज में पेश करती है। यह सीरीज सोनी लिव पर उपस्थित है। ये भली–भाँति दिखाती हैं सत्ता की लालच में आदमी हर हद पार कर सकता है। राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं होता। इस सीरीज में लीड रोल्स में आदी पीनीसेट्टी, चैतन्य राव मदादी हैं जिनकी किरदार बड़े नेताओं के रूपांकनों से मिलती-जुलती है। इसके अतिरिक्त कहानी में साई कुमार, दिव्या दत्ता, नासार शामिल हैं।

