बिहार में पहली बार होने जा रहा है इस खेल का आयोजन
बिहार में बचपन में आपने लुका-छिपी, चोर-पुलिस और न जाने कितने घरेलू खेल खेले होंगे। इनमें से एक सबसे पॉपुलर पत्थर तोड़, जिसको बोलचाल की भाषा में पिट्टो भी बोला जाता है। गांव-गांव में खेला जाने वाला पिट्टो या पत्थर तोड़ यानी लागोरी सरकारी जॉब पाने की मंजिल को सरल कराएगी। इन दिनों बिहार में जहां मेडल लाओ जॉब पाओ चर्चा में है। इसी कड़ी में बिहार के सहरसा में पहली बार राज्य स्तरीय लगोरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।

इस खेल में बिहार के 5 जिलों की केवल बालिका खिलाड़ी को हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। हालांकि आप बिहार के किसी भी जिले से हैं तो लगोरी संगठन की टीम आपको इन खेल में हिस्सा लेने का मौका देगी। ज्ञात हो कि इस खेल की शुरूआत बिहार में पहली बार बेगूसराय से ही हुईं थी। अब हिंदुस्तान गवर्नमेंट के खेल मंत्रालय और विद्यालय गेम्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया के तत्वाधान में इसकी आरंभ हुई है।
सहरसा में होगी स्टेट लेवल लागोड़ी प्रतियोगिता
बिहार लागोड़ी के सचिव रणधीर कुमार ने कहा बिहार के सहरसा में पहली बार बालिका टूर्नामेंट की शुरूआत 12 जनवरी से हो रही है। ऐसे में इस खेल में बिहार के सभी जिलों के बालिका खिलाड़ियों को मिलाकर 6 टीम हिस्सा लेगी। यदि आप भी इस खेल में शामिल होना चाहती हैं तो लागोड़ी एसोसियन ऑफ बिहार के साइट पर औनलाइन फॉर्म भर सकते हैं या फिर अपने जिले के लागोड़ी कोच से संपर्क कर सकते हैं। बेगूसराय के जीडी कॉलेज कैंपस और न्यू पैराडाइज विद्यालय में निःशुल्क में ट्रेनिंग बिहार के किसी जिले से आकर खिलाड़ी ले सकते हैं।
मेडल लाओ जॉब पाओ को लेकर खिलाड़ियों में उत्साह
खिलाड़ी दिव्या प्रिया ने कहा इस खेल में मेडल पाने के लिए 3 से 5 घंटे की प्रैक्टिस कर रहीं हूं। आशा है गोल्ड मेडल लाकर सरकारी जॉब को प्राप्त करूंगी। जबकि शिवानी कुमारी ने कहा कई घंटे कोशिश कर मेडल लाने की प्रयास में लगी हुई हूं। आपको बता दें कि भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से गोवा में आयोजित होने वाले आनें वाले राष्ट्रीय खेल तथा स्कूली गेम्स से लागोरी शामिल हो चुकी है।
यह बिहार ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। ऐसे में बिहार के खिलाड़ियों का मेडल लाओ जॉब पाओ का सपना कब तक पूरा होता है, यह देखने वाली बात होगी।

