मुजफ्फरपुर में 10 लोगों ने मिलकर डकैती की घटना को दिया अंजाम, 3 गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर के जजुआर थाना क्षेत्र में डकैती के दौरान स्त्री को गोली मार कर हत्याकांड मुद्दे में पुलिस ने कार्रवाई की है. तीन शातिर डकैत को अरैस्ट किया है. इसके पास से लूट के 97 हजार रुपए और अन्य सामग्री बरामद किए गए.

घटना को अंजाम देने ऑटो और स्कॉर्पियो से पहुंचे थे. घटना में एक डकैत को सीने में गोली लगने से मृत्यु हो गई थी. जिससे डकैतों ने उसके मृतशरीर को नदी में फेंक दिया. डकैती में कुल 10 डकैत शामिल थे. 40 लाख रुपए घर में होने की जानकारी थी.
पूरे मुद्दे को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसएसपी राकेश कुमार ने कहा कि जजूआर थाना क्षेत्र में 4 जुलाई की रात गृह डकैती की घटना घटी हुई थी. गृह स्वामी के शशि कुमार के द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई. उनकी पत्नी कृष्ण देवी का गोली लगने से मृत्यु हो गई थी. एडिशनल एसपी सहियार अख्तर के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई. इसके टीम ने सभी मानवी सूचना और तकनीकी सूचना संकलन किया.
इस घटना के शुरुआती 10 दिन तक टीम को कुछ खास जानकारी नहीं मिली. इसके बाद टीम को धीरे-धीरे साक्ष्य मिलना प्रारम्भ हो गया. इसके आधार पर बीते शाम को 3 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. इसके पास कुछ नगद रुपए भी बरामद किया गया है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोहर पासवान ,चंदन पासवान और चंदन ठाकुर के रूप में हुई है. इन तीनों के पास लूटी हुए रुपए में से 97 हजार रुपए बरामद किया गया है. नोट बरामद हुआ है. इस पर खून के छीटें मिले हैं. इसको लेकर उसे जांच के लिए FSL भेजा गया है. पूरी जांच में पता चला की घटना में कुल दस लोग शामिल थे. दस लोगो में से तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है. एक आदमी जो सकल पासवान है, यह इस घटना में शामिल था.
डकैती के घटना के दौरान इन लोगों द्वारा बम और गोली भी चलाए गए थे. इस क्रम में एक गोली सकल पासवान को सीने में लगी थी. ऐसी जानकारी गिरफ्तारी तीन लोगों ने दी है.जिसके बाद 15 मिनट के बाद उसकी मृत्यु हो गई थी. इसके सभी इसके मृतशरीर को लेकर आए. बोरा में पैक कर बागमती नदी में फेंक दिया. इसमें 1 चंदन ठाकुर है जो ऑटो ड्राइवर है. वहां अपना ऑटो लेकर डकैती की घटना की अंजाम देने के लिया गया था. उसी ऑटो से मृतशरीर को रख ले गया था. मृतशरीर अभी तक नहीं मिला है. पुलिस मृतशरीर को तलाश कर रही है.
सकल पासवान की पत्नी ने कांटी थाना में गुमशुदगी का एफआईआर दर्ज करवाया है. अरैस्ट सभी लोगों का आपराधिक इतिहास खंगाल रहें हैं. चंदन पासवान और चंदन ठाकुर पूर्व में एक बार कारावास गए हुए हैं. कांटी में 8 क्राइम कर्मी इकट्ठा हुआ था. इसके बाद ऑटो से जजुआर थाना गया. वहां दो अपराधकर्मी शामिल हुए. मौके पर एक ऑटो और स्कॉर्पियो कार से पहुंचे थे.
पुलिस की पूछताछ में कहा कि चंदन पासवान ने कहा था की 40 लाख रुपए डकैती करने पर प्राप्त होगा. चंदन पासवान वहां लोकल था. घटना में बम का हो इस्तेमाल हुआ था वह चंदन पासवान और चंदन ठाकुर ने मिलकर बनाया था. चंदन ठाकुर के पिता गणेश ठाकुर भी वांछित क्रिमिनल था. जिस समय गणेश ठाकुर डकैती की घटना को अंजाम देता तो ज्यादातर बम ब्लास्ट किया करता था.वही से बम बनने का सीखा हुआ था.

