मधुबनी में पिपरौन-जटही अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर 48 एसएसबी बटालियन ने दो चीनी नागरिकों को अरैस्ट किया है. ये दोनों बिना अनुमति के हिंदुस्तान की सीमा में घुस रहे थे. जवानों ने इन्हें पिलर संख्या 284/35 के पास पकड़ा. अरैस्ट एक आदमी का नाम वू हेलोंग है, जिसकी उम्र 38 वर्ष है. वह चीन के लियाओनिंग प्रांत के डालियान शहर का रहने वाला है. उसका पासपोर्ट नंबर EL9961400 है और उसके पिता का नाम शेन जहोंग मिंग है.
जांच में पता चला कि वू हेलोंग 14 मार्च को टूरिस्ट वीजा पर नेपाल के काठमांडू पहुंचा था. उसके पास 11 जून 2025 तक वैध वीजा है, जिसे 11 जुलाई 2025 तक बढ़ा दिया गया है. वह काठमांडू और पोखरा घूमने के बाद 26 मई को जनकपुर पहुंचा और “मिथिला चिरायु” होटल में रुका. पूछताछ में वू हेलोंग ने कहा कि वह पहले चीन में रेस्टोरेंट चलाता था, लेकिन वह दो वर्ष पहले बंद हो गया. अब वह सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर काम कर रहा है. इसके लिए उसने अलीबाबा से 10,000 युवान (चीनी मुद्रा) लिए हैं. वह टिकटॉक और वीचैट जैसे प्लेटफॉर्म पर वीडियो बनाकर डालता है. दूसरे आदमी का नाम शेंग जुन योंग है. वह 27 फरवरी को शंघाई से नेपाल आया था. उसके पास टूरिस्ट वीजा था, जिसकी वैधता 27 मई 2025 तक थी, जिसे अब 26 जून 2025 तक बढ़ाया गया है. वह इससे पहले भी मार्च 2024 से मई 2024 तक नेपाल घूम चुका है. इस बार वह अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने नेपाल आया था.
जांच के दौरान वू हेलोंग के मोबाइल से 50 से अधिक हिंदुस्तान विरोधी और खालिस्तान समर्थक वीडियो मिले हैं, जो उसने 7 मई के बाद इंटरनेट से डाउनलोड किए थे. हालांकि, अब तक यह साबित नहीं हुआ है कि उसने ये वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए हों. वू ने कहा कि वह इन वीडियो को भविष्य में पोस्ट करके अपने व्यू और फॉलोअर्स बढ़ाना चाहता था. दोनों चीनी नागरिकों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हरलाखी पुलिस स्टेशन को सौंपा जाएगा एसएसबी के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने कहा कि उनकी टीम भारत-नेपाल सीमा पर पूरी सतर्कता से नज़र कर रही है और जवान चौकस हैं.
वू हेलोंग ने कहा कि उसने ये वीडियो इसलिए डाउनलोड किए थे ताकि आगे चलकर इन्हें अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अधिक व्यू और फॉलोवर्स पा सके. पकड़े गए दोनों चीनी नागरिकों को अब आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हरलाखी थाना को सौंपा जाएगा. 48 एसएसबी बटालियन के कमांडेंट गोविंद सिंह भंडारी ने बोला कि उनकी बटालियन भारत-नेपाल सीमा पर अपनी जिम्मेदारी वाले इलाकों में पूरी नजर रखे हुए है और सभी जवान सावधान हैं. चीनी नागरिक से वार्ता और जांच के लिए जानकारों की एक टीम भी बुलाई जा रही है.