बिहार

सुपौल में गांजा तस्करी मामले में एक नेपाली नागरिक को 15 साल की हुई कारावास

 

सुपौल जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम सह विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट सुनील कुमार की न्यायालय ने सोमवार को गांजा स्मग्लिंग मुद्दे में एक नेपाली नागरिक को 15 वर्ष जेल की सजा सुनाई है. मिली जानकारी के मुताबिक न्यायालय ने नेपाल के सुनसरी जिले के भंटाबाड़ी निवासी

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वहीं जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त छह माह की साधारण जेल की सजा भुगतनी होगी. वहीं, मुद्दे के एक अन्य आरोपी गजेन कुमार उर्फ गजेन कुमार यादव को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया.

इंडो-नेपाल बॉर्डर से पकड़ा गया था

विशेष लोक अभियोजक (एनसीबी) धर्मेंद्र कामत ने जानकारी दी कि 18 दिसंबर 2022 को एसएसबी की टीम ने इंडो-नेपाल बॉर्डर पर बड़ी कार्रवाई की थी. इस दौरान 600.4 किलो गांजा बरामद किया गया था. इल्जाम है कि पवन शर्मा अपने कुछ साथियों के साथ नेपाल से हिंदुस्तान में गांजा की स्मग्लिंग कर रहा था.

नाका दल ने पवन को रंगे हाथों दबोच लिया, जबकि उसके साथी अंधेरे और कोहरे का लाभ उठाकर गांजा से भरी बोरियां फेंकते हुए भागने में सफल हो गए. इसके बाद एसएसबी ने जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए बरामद गांजा और आरोपी को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) पटना के हवाले कर दिया. एनसीबी की ओर से मुद्दे में काण्ड संख्या 24/22 दर्ज की गई और जांच प्रारम्भ हुई.

ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में कुल छह गवाहों को प्रस्तुत किया. गवाहों के बयानों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी पवन शर्मा को गुनेहगार पाया. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार सिंह ने दलीलें पेश कीं. लेकिन न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को पर्याप्त माना और पवन शर्मा को गुनेहगार ठहराते हुए सजा सुनाई.

नेपाल से हिंदुस्तान में करता था सप्लाय

विशेष लोक अभियोजक धर्मेंद्र कामत ने कहा कि यह निर्णय स्मग्लिंग जैसी गंभीर गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में एक जरूरी कदम है. उन्होंने बोला कि सीमावर्ती इलाकों में अक्सर नेपाल से हिंदुस्तान के रास्ते नशीले पदार्थों की स्मग्लिंग का कोशिश होता है, ऐसे मामलों में सख्त सजा न सिर्फ़ अपराधियों के लिए सबक है बल्कि भविष्य में ऐसे कृत्यों पर रोक लगाने में मददगार भी साबित होगी.

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