SIR-वक्फ़ विवाद के बाद ये बड़ी चाल चल गए नीतीश, जानें क्या है पूरा प्लान…

दरअसल, 21 अगस्त को बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड का स्थापना दिवस पटना के बापू बैठक भवन में मनाया जाएगा। यह आयोजन केवल बोर्ड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जेडीयू भी इसे पूरी ताकत के साथ इंकार रही है। इस मौके पर सीएम नीतीश कुमार भी उपस्थित रहेंगे और बताया जा रहा है कि वे यहां हजारों मुसलमान समाज के लोगों से संवाद स्थापित करेंगे. चुनावी वर्ष में यह कदम बहुत अहम बताया जा रहा है।
शताब्दी कार्यक्रम का भव्य आयोजन
नाराजगी दूर करने की कवायद
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में SIR और वक़्फ़ संशोधन बिल को लेकर मुसलमान समाज में नाराजगी देखने को मिली है। ऐसे में नीतीश कुमार का इस कार्यक्रम में शामिल होना और सीधे संवाद करना खास अर्थ रखता है। बताया जा रहा है कि वे मुसलमान समाज को भरोसा दिलाने की प्रयास करेंगे कि उनकी गवर्नमेंट उनके विकास और हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
“नीतीश ने किया सबसे अधिक काम”
चुनावी वर्ष का बड़ा संदेश
बिहार की राजनीति पर नजर रखने वाले जानकार मानते हैं कि यह कार्यक्रम सिर्फ़ शैक्षिक या धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि इसके जरिए नीतीश कुमार एक बड़ा सियासी संदेश देना चाहते हैं। आरजेडी जहां मुसलमान वोट बैंक पर परंपरागत पकड़ बनाए हुए है, वहीं जेडीयू अब इस वर्ग को फिर से अपने साथ जोड़ने की प्रयास में है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नीतीश कुमार अपने संबोधन में क्या कहते हैं और किस तरह से मुसलमान समाज को साधने की प्रयास करते हैं। यह तो तय है कि चुनावी वर्ष में यह संवाद बिहार की राजनीति का अहम मोड़ साबित हो सकता है।

