बिहार

अजित पवार को झटका, रास नहीं आ रही चाचा से बगावत

बीते वर्ष एनसीपी में दोफाड़ करने के बाद अजित पवार लोकसभा चुनाव से पहले कठिनाई में घिरते दिख रहे हैं उनके कई अपने उनका साथ छोड़ रहे हैं दरअसल, एनसीपी को दोफाड़ कर अजित पवार एनडीए से मिल गए थे वह राज्य में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री हैं उनके गुट के कई विधायकों को भी मंत्री बनाया गया है लेकिन, लोकसभा चुनाव में एनडीए के खाते से उनकी पार्टी को सिर्फ़ चार सीटें मिली हैं इससे पार्टी के भीतर लोकसभा चुनाव के लिए टिकट की आश लगाए बैठे नेता निराश हैं उनमें से कई अपने ‘अभिभावक’ शरद पवार के पास लौटने लगे हैं

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बीते कुछ ही दिनों के भीतर अजित पवार को कई झटके लगे हैं एक दिन पहले की उच्चतम न्यायालय ने अजित पवार गुट को फटकार लगाई थी मामला यह था कि अजित गुट के नेता प्रचार अभियान में पार्टी के दो फाड़ हो जाने के बावजूद शरद पवार की तस्वीर और पार्टी का चुनाव चिन्ह इस्तेमाल कर रहे थे इसपर उच्चतम न्यायालय ने तुरंत रोक लगा दी

शरद गुट में लौट रहे नेता!
इसके बाद अजित पवार के कई करीबी एक बार फिर शरद पवार की ओर रुख कर रहे हैं कुछ ही दिन पहले विधायक नीलेश लंका ने उनका साथ छोड़ा है वह अहमदनगर से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन एनडीए में यह सीट बीजेपी के खाते में चली गई नीलेश लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे थे ऐसे में उन्होंने एनसीपी (अजित गुट) छोड़ दिया है उनके अब शरद गुट में शामिल होने की आसार है इस सीट से नीलेश को महाविकास अघाड़ी से टिकट मिलने की आसार है

कुछ ऐसी ही समाचार बीड से आ रही है बीड में एनसीपी अजित गुट के नेता बजरंग सोनवणे भी बगावत की राह पर है दरअसल, बीड लोकसभा सीट भी बीजेपी के खाते में चली गई है जबकि यहां एनसीपी का अच्छा असर रहा है यह बीजेपी के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे का क्षेत्र है बीजेपी ने गोपीनाथ की बड़ी बेटी पंकजा मुंडे को अपना उम्मीदवार बनाया है बीते चुनाव में यहां से पंकजा की बहन प्रीतम ने चुनाव जीता था बीड की एक विधानसभा सीट से एनसीपी नेता और पंकजा के चचेरे भाई धनंजय मुंडे विधायक हैं

बीड में एनसीपी नेता ने की बगावत
बीते चुनाव में बजरंग सोनवणे यहां से एनसीपी उम्मीदवार थे सूत्रों ने जानकारी दी है कि बजरंग सोनवणे पिछले आठ दिनों से शरद पवार के संपर्क में हैं इसलिए लोकसभा चुनाव से पहले अजित पवार को बड़ा झटका लगने की आसार है सोनवणे का बीड में अच्छा असर है वह मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी माने जाते हैं लेकिन, अब लोकसभा चुनाव से पहले सोनवणे के बगावत का झंडा बुलंद करने की संभावना है इस बीच, पंकजा मुंडे की उम्मीदवारी की घोषणा के तुरंत बाद बीड के केज में सोनवणे ने कार्यकर्ताओं की एक जरूरी बैठक की कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि उन्हें राष्ट्रवादी शरद गुट से चुनाव लड़ना चाहिए

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