बिहार

महागठबंधन में सीट बंटवारे पर हुआ बवाल, पार्टियों ने कहा- यह मनमानी नहीं चलेगी…

बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर रस्साकशी चरम पर पहुंच गई है सूत्रों की मानें तो सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तैयार कर लिया गया है, लेकिन कांग्रेस पार्टी और वाम दलों की डिमांड पर सहमति नहीं बन पाई है राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janata Dal) 125 से 130 सीटें अपने पास रखना चाहती है, जबकि कांग्रेस पार्टी और वाम दल अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति में जुटे हैं मुकेश सहनी ने डिप्टी मुख्यमंत्री की दावेदारी के साथ 60 से घटाकर 20 सीटों की मांग की है अब घोषणा का प्रतीक्षा है इससे पहले आइये जानते हैं कहां पेंच फंसा हुआ है और इण्डिया ब्लॉक में कैसी खींचतान चल रही है जो बिहार में महागठबंधन के भीतर टेंशन का कारण है

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कांग्रेस और वाम दलों की डिमांड से फंसा पेंच

बता दें कि साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को 70 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार आरजेडी उसे 50 से 55 सीटें देने के मूड में है जबकि कांग्रेस पार्टी 70 से 75 सीटों की मांग कर रही है वाम दलों के साथ भी यही स्थिति है और उन्हें 25 से 30 सीटें देने की बात चल रही है, जबकि वे 60 से 65 सीटों की मांग पर अड़े हैं हाल में ही डी राजा ने अकेले ही 24 सीटों की मांग रखकर आरजेडी की टेंशन बढ़ा दी, जबकि इससे पहले दीपांकर भट्टाचार्य ने सीपीआईएमएल के लिए कम से कम 35 सीटों की मांग रखी है और पूरे वाम कुनबे के लिए 60 से ऊपर सीटों की डिमांड है यही कारण है कि अब महागठबंधन में कांग्रेस पार्टी और वाम दलों के रुख को लेकर विवाद साफ दिखने लगा है

महागठबंधन में राजनीतिक हलचल

दूसरी ओर सूत्रों से समाचार यह है कि वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने अपनी डिमांड 60 सीटों से घटाकर 20 कर दी है, लेकिन साथ ही डिप्टी मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी जारी है और इसकी चुनाव से पहले ही घोषणा करने की मांग कर रहे हैं वहीं जेएमएम और पशुपति कुमार पारस की लोजपा की सीटों की मांग से भी महागठबंधन में खींचतान है दरअसल, जेएमएम ने 12 सीटों की मांग की है, लेकिन आरजेडी नेताओं के अनुसार जेएमएम को 3-5 सीटें मिल सकती हैं वहीं, पशुपति कुमार पारस की लोजपा ने अभी तक सीटों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन खबरों के अनुसार लोजपा को महागठबंधन में 5-7 सीटें दी जा सकती हैं पारस ने बोला है कि उनकी पार्टी सम्मानजनक संख्या में उम्मीदवार उतारेगी

वीआईपी और उपमुख्यमंत्री पद की सियासत

वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी ने सार्वजनिक तौर पर दावा किया है कि सीट शेयरिंग फाइनल हो चुकी है उन्होंने बोला कि महागठबंधन की गवर्नमेंट बनने पर वे डिप्टी मुख्यमंत्री बनेंगे कांग्रेस पार्टी के लिए यह स्थिति चुनौती बन सकती है हालांकि सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि डिप्टी मुख्यमंत्री पद कांग्रेस पार्टी को भी मिल सकता है, ताकि उसका रुख नरम किया जा सके इस बीच जो फॉर्मूला सामने आ रहा है इसके मुताबिक आगे विवरण दिया गया है

संभावित सीट बंटवारे का फॉर्मूला

पार्टी संभावित सीटें
आरजेडी 125–130 या 138 सीटें
कांग्रेस 50–55 या 66 सीटें
वाम दल 30–35 या 35–38 सीटें
वीआईपी 18–20 सीटें
आरएलजेपी 3–4 सीटें
जेएमएम 2–3 सीटें

आरजेडी में टिकट कटने की चर्चा, कांग्रेस पार्टी का फॉर्मूला

इस बीच महागठबंधन के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, आरजेडी में भी कई मौजूदा विधायकों के टिकट कट सकते हैं जबकि 2–3 सीटों पर अभी भी मंथन चल रहा है तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन की रणनीति तय हो चुकी है और जल्द ही सीट बंटवारे की घोषणा की जाएगी वहीं, कांग्रेस पार्टी ने अपनी ओर से भी एक फॉर्मूला तैयार किया है जिसके कारण सीट बंटवारे को लेकर रस्साकशी जारी है

कांग्रेस का सीट मांगने का नया फॉर्मूला

  • कांग्रेस ने सीट मांगने का एक नया वर्गीकरण तैयार किया है
  • A कैटेगरी: वे 19 सीटें जहां कांग्रेस पार्टी का फिलहाल कब्जा है
  • B कैटेगरी: वो सीटें जहां पिछले चुनाव में 5 से 10 हजार वोटों से हार हुई थी
  • C कैटेगरी: जहां हार का अंतर 10 से 15 हजार वोटों का था
  • D कैटेगरी: जहां कांग्रेस पार्टी 15 से 20 हजार वोटों से हारी थी

महागठबंधन में सीट समीकरण की उलझन

इस फॉर्मूले के आधार पर कांग्रेस पार्टी 70-75 सीटों पर दावेदारी कर रही है हालांकि सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी 48 सीटों से अधिक देने के मूड में नहीं है, लेकिन कांग्रेस पार्टी को आशा है कि 55 के आसपास सीटें मिल सकती हैं बहरहाल, महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस पार्टी और वाम दलों की मांग ने समीकरणों को उलझन भरा बना दिया है आरजेडी अपने हिस्से में बड़ी संख्या में सीटें रखना चाहती है, जबकि कांग्रेस पार्टी अपने पुराने प्रदर्शन के आधार पर अधिक सीटों पर अड़ी है वीआईपी की डिप्टी मुख्यमंत्री दावेदारी ने भी सियासी तापमान बढ़ा दिया है बताया जा रहा है कि एक-दो दिनों में सीट शेयरिंग पर आखिरी फैसला होगा और चुनावी रणनीति को अमलीजामा पहनाया जाएगा

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