बिहार

बिहार में महिला शोषण के खिलाफ बड़ा खुलासा, नक्सलियों का अंत और गर्भपात मामला अदालत में…

बिहार के लोगों ने एक दौर ऐसा भी देखा जब उग्रवादियों का आतंक चरम पर था जमुई, लखीसराय, मुंगेर, औरंगाबाद जैसे कुछ जिले ऐसे थे जहां जंगली इलाकों में नक्सल संगठनों का दबदबा था कई गांवों के लोग इन उग्रवादियों के खौफ में रहे आए दिन कत्लेआम करना इन खूंखार उग्रवादियों के लिए आम बात थी हालांकि अब दृश्य पूरी तरह बदल चुका है दुर्दांत उग्रवादी या तो मुठभेड़ में मारे गए या उन्होंने सरेंडर करना उचित समझा कई अरैस्ट हुए और कारावास में बंद हैं इन उग्रवादियों की धरपकड़ में अरैस्ट हो चुकी स्त्री उग्रवादियों की भी बड़ी किरदार रही है

22 02 2023

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बिहार में इन दुर्दांत उग्रवादियों का रहा आतंक

एक समय बिहार में हार्डकोर सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश दा,अरविंद यादव उर्फ अविनाश दा, पिंटू राणा, अर्जुन कोड़ा, रावण कोड़ा, नागेश्वर कोड़ा, बालेश्वर कोड़ा जैसे दुर्दांत उग्रवादियों का आतंक था अविनाश और प्रवेश इसी वर्ष मुठभेड़ में ढेर हुआ जबकि बाकि सभी या तो सरेंडर किए या फिर अरैस्ट हुए सभी आज कारावास के अंदर ही हैं इन उग्रवादियों पर दबाव बनाने और इन्हें अरैस्ट करने या घेरकर मुठभेड़ में ढेर करने में कई स्त्री उग्रवादियों की भी किरदार रही

महिला कैडरों से अत्याचार पड़ा महंगा, पुलिस के पास पीड़िताओं ने उगले राज

दरअसल, बीते कुछ वर्षों के अंदर कई स्त्री उग्रवादियों को पकड़ने में सफलता मिली ये स्त्री उग्रवादी दुर्दांत उग्रवादियों के दस्ते में बड़ा रोल निभाती थीं कई वर्षों से ये फरार थीं इनके पकड़े जाने से हार्डकोर उग्रवादियों के कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे ये स्त्री उग्रवादी भी संगठन के अंदर हो रहे उत्पीड़न से परेशान थीं भोग की वस्तु मानकर इनमें कई स्त्रियों का शारीरिक उत्पीड़न भी पुरुष उग्रवादी करते थे कुछ स्त्री उग्रवादियों ने पुलिस को दिए बयान में यह कहा तो कुछ लेटर भी वायरल हुए जिससे हकीकत सामने आयी

महिला उग्रवादियों का उत्पीड़न करते थे पुरुष नक्सली

पिछले दिनों दुर्दांत उग्रवादी प्रवेश दा झारखंड के हजारीबाग में हुए मुठभेड़ में ढेर हुआ इसका आतंक बिहार में भी 20 वर्ष से अधिक रहा उग्रवादी संगठन में प्रवेश दा की बहुत करीबी थी रेणुका कोड़ा, जो मुंगेर की रहने वाली थी साल 2023 में उसे देवघर से अरैस्ट किया गया तो पुलिस के सामने उसने संगठन के अंदर स्त्रियों के उत्पीड़न की कहानी बतायी रेणुका ने एक पत्र भी लिखा था और उसमें जिक्र किया था कि संगठन के अंदर पुरुष उग्रवादी मौका पाकर स्त्रियों को छेड़ते हैं विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाते हैं एक पार्टनर रखकर दूसरी स्त्री से भी गैरकानूनी संबंध बनाते हैं इस पत्र का जबाव देते हुए उग्रवादी कमांडरों ने भी हालात को स्वीकारा था वहीं सिदो कोड़ा दस्ते की रीना कोड़ा ने भी पत्र लिखकर संगठन के कमांडरों को कहा था कि स्त्री साथियों पर अत्याचार होता है

गर्भपात की अनुमति के लिए न्यायालय तक पहुंचा था मामला

दो वर्ष पहले यानी 2023 में लखीसराय में एक स्त्री उग्रवादी पकड़ायी तो उसने भी संगठन में उत्पीड़न की कहानी पुलिस को बतायी थी कजरा की रहने वाली यह उग्रवादी अविवाहित थी लेकिन गिरफ्तारी के बाद मेडिकल जांच खुलासा हुआ कि वह गर्भवती है हाल में ही झारखंड के बोकारो में एक मुठभेड़ में मारे गए इनामी उग्रवादी अरविंद यादव उर्फ अविनाश दा की वह करीबी बतायी जाती है कई मुकदमा भी भिन्न-भिन्न थानों में उसपर दर्ज थे गिरफ्तारी के बाद उसने न्यायालय में आवेदन देकर गर्भपात कराने की मांग की थी उसने खुलासा किया था कि संगठन में पुरुष नक्सल उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाते थे, जिससे वो गर्भवती हो गयी

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में भी उत्पीड़न का जिक्र

गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट बताती है कि नक्सल संगठनों मे स्त्री उग्रवादियों के उत्पीड़न की हकीकत बहुत भयावह है संगठन में सीनियर नक्सली पुरुष कैडरों के द्वारा बलात्कार, जबरन शादी और छेड़छाड़ किए जाते हैं स्त्री कैडरों से विवाह करके उसकी नसबंदी करा दी जाती थी वहीं कई स्त्री उग्रवादियों से उनकी मर्जी के विरुद्ध गर्भपात कराए जाते थे

इन स्त्री उग्रवादियों की गिरफ्तारी से आसान हुआ पुलिस का काम…

रीना कोड़ा, करुणा, रेणुका, रोजिना, सुनीता, दुखनी, पोली, कारी… ये कुछ स्त्री उग्रवादियों के प्रमुख नाम हैं जिनकी गिरफ्तारी हुई, तो उन हार्डकोर उग्रवादियों तक पहुंचना आसान हो गया जो सालों से फरार थे कई इनामी उग्रवादियों को विवश होकर सरेंडर करना पड़ा जबकि अविनाश और प्रवेश दा जैसे दुर्दांत उग्रवादी मुठभेड़ में ढेर हो गए

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