Bihar chunav general knowledge: महिला उम्मीदवारों का दबदबा, जानें 2020 चुनाव में किस पार्टी ने मारी थी बाजी…
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhansabha Election 2025) की तारीखों का जल्द घोषणा होने वाला है। एनडीए गठबंधन और इण्डिया गठबंधन को अतिरिक्त क्षेत्रिए पार्टियां भी कमर कस कर तैयार हैं। इसके अतिरिक्त बिहार के पीके यानी प्रशांत किशोर भी तीसरे मोर्चे के तौर पर मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। सभी पार्टियां बिहार के विकास को अहम मामला बनाकर बात कर रहे हैं। दूसरी ओर सभी पार्टियों में सीट से लेकर टिकट बंटवारे पर मंथन भी शुरु हो चुका है।

वहीं, पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार एक मामला जो अहम नजर आ रहा है वो है स्त्री सशक्तिकरण। बता दें की बिहार में होने वाले चुनाव में अभी तक स्त्रियों की किरदार अहम मानी जाती रही है। यही कारण है कि बीजेपी, आरजेडी, जेडीयू समेत कांग्रेस पार्टी केवल स्त्री वोटर ही नहीं स्त्री उम्मीदवारों पर भी खास ध्यान देती रही है। बिहार विधानसभा 2020 के चुनाव की बात करें तो कुल 26 स्त्रियों को जीत मिली थी। जबकि 2015 में 28 और 2010 में 34 स्त्रियों ने चुनाव में अपना परचम लहराया था।
बता दें कि बिहार चुनाव में स्त्रियों को साइलेंट वोटर के तौर माना जाता रहा है जिसके कारण बिहार के सभी सियासी दल स्त्रियों के मुद्दों पर खास ध्यान देते नजर आते हैं। स्त्री वोटरों के साथ स्त्री उम्मीदवार को भी टिकट देकर सभी दल स्त्री वोटरों को यह संदेश देना चाहते हैं कि वह सभी मोर्चे पर स्त्रियों को पूरी भागीदारी के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं।
वहीं, विधानसभा चुनाव 2020 में दलगत भागीदारी की बात करें तो भाजपा ने 13 स्त्री उम्मदीवारों को टिकट दिया था। जिसमें से 9 महिलाएं जीत का ताज पहनकर विधानसभा पहुंची थीं। भाजपा ने 2015 चुनाव के मुकाबले 2020 में बेहतर प्रदर्शन किया था। 2020 में भाजपा की केवल 4 स्त्री उम्मीवारों ने ही जीत पाई थी जबकि पार्टी ने 14 स्त्री उमीदवारों को टिकट दिया था।
जेडीयू के बात करें तो 2020 में 22 स्त्री उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा था जिसमें से केवल 6 महिलाएं ही जीत पाईं। जबकि 2015 में जेडीयू ने 10 स्त्रियों को उम्मीदवार बनाया जिसमें 9 स्त्रियों ने जीत का परचम लहराया था।
दूसरी ओर आरजेडी की चर्चा करें तो 2020 में 16 स्त्रियों को टिकट दिया गया जिसमें से केवल 7 उम्मदीरवार ही विधानसभा में पहुंच सकीं। जबकि 2015 में आरजेडी ने 10 स्त्री उम्मीदरों को चुनावी मैदान में उतारा था और सभी ने जीत का झंडा बुलंद करते हुए विधानसभा में कदम रखा था। वहीं कांग्रेस पार्टी की बात करें तो महागंठबंधन का हिस्सा कांग्रेस पार्टी ने अपनी 70 सीटों में से 7 सीटों पर स्त्रियों को टिकट दिया जिसमें से केवल 4 उम्मीदवार ही जीत हासिल कर सकी थीं।
62 स्त्री प्रत्याशियों ने आजमाई किस्मत
इसके अतिरिक्त जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा- सेकुलर (HAM) ने एक और मुकेश साहनी की विकासशील आदमी पार्टी (VIP) ने दो सीटों पर स्त्री उम्मीदवारों पर दांव लगाए थे। जबकि वाम दलों एक सीट पर स्त्री उम्मीदवार दिया था। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में कुल 62 स्त्री प्रत्याशी मैदान में उतरी थी।
ऐसे में पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो टिकट देने के मुद्दे में जेडीयू अव्वल रही थी। जबकि स्त्री उम्मीदवारों के जीत कर विधानसभा पहुंचने की बात करें तो भाजपा का झंडा बुलंद रहा था। अब देखना ये होगा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में कौन सी पार्टी स्त्री उम्मदीरों पर अधिक भरोसा करती है।

