बिहार सरकार ने डोमिसाइल नीति की लागू
पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने डोमिसाइल नीति लागू होने पर अपनी बात रखी। विद्यार्थियों ने कहा कि बिहार गवर्नमेंट के इस निर्णय से उनकी खुशी और उदासी दोनों बढ़ी हैं। उन्होंने बोला कि बिहार गवर्नमेंट ने डोमिसाइल नीति लागू तो की है, लेकिन यह नीति गवर्नमेंट को बहुत पहले ही लागू करनी चाहिए थी। इसी कारण बिहार के युवा बेरोजगार हैं और दूसरे राज्यों से आकर लोग यहां जॉब कर रहे हैं।

शिक्षक बनने के लिए जरूरी है परीक्षाएं
बिहार में शिक्षक बनने के लिए D.led, B.ed, CTET सहित अन्य कई परीक्षाएं देनी पड़ती हैं। वहीं, डोमिसाइल नीति लागू होने से बिहार के युवाओं को लगभग 40% आरक्षण का फायदा मिलेगा। बीते दिन बिहार गवर्नमेंट ने शिक्षक बहाली के लिए डोमिसाइल नीति लागू करने की घोषणा की है, जिससे अभ्यर्थियों में खुशी का माहौल है।
जानें अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
पूर्णिया में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अंशु, पल्लवी वर्मा, विशाल कुमार, अंशुमन कुमार, आदित्य कुमार झा सहित अन्य अभ्यर्थियों ने लोकल 18 से वार्ता की। उन्होंने कहा कि बिहार गवर्नमेंट को डोमिसाइल नीति पहले ही लागू कर देनी चाहिए थी। इस नीति के ना होने के कारण बिहार के विद्यार्थी बेरोजगार बैठे हैं। जबकि यूपी, हरियाणा एवं अन्य राज्यों के लोग आकर बिहार में जॉब कर रहे हैं। यह बिहार के लिए दुखदाई है।
डोमिसाइल नीति का लाभ
शिक्षक की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि डोमिसाइल नीति से बिहार के युवाओं को रोजगार मिलेगा। हालांकि, कुछ विद्यार्थियों ने चिंता जताई कि गवर्नमेंट चुनाव के बाद इस नीति को वापस ना ले ले। कई प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म निकल जाते हैं, फीस ली जाती है, लेकिन परीक्षा और रिज़ल्ट नहीं आते हैं, जिससे विद्यार्थी बेरोजगार रहते हैं।
जानें क्या है अभ्यर्थियों की मांग
तैयारी कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों ने गवर्नमेंट से बिहार के युवाओं के लिए विशेष ध्यान देने की मांग की है। उन्होंने गवर्नमेंट से आग्रह किया है कि गवर्नमेंट शिक्षक बहाली में डोमिसाइल नीति लागू करे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं समय पर कराकर रिज़ल्ट घोषित करे, ताकि युवाओं का समय, मेहनत, उम्र और खर्च बच सके।

