बिहार सरकार ने सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए उठाये महत्वपूर्ण कदम
बिहार गवर्नमेंट सहकारिता और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई बड़े पैमाने पर योजनाओं पर काम कर रही है. इस दिशा में मक्का, दलहन और तिलहन फसलों को प्राथमिक कृषि कर्ज समितियों (पीएसीएस) से जोड़ने की योजना बनाई गई है, जिसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा. इसके साथ ही 100 नए कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनाए जा रहे हैं, जिससे किसानों को संगठित होने और उनकी आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी.

बिहार गवर्नमेंट ने सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं: हर जिले में पैक्स केंद्रों का विस्तार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण किसानों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी. ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां मौजूद कराने के लिए प्रत्येक पीएसी में जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे.
गृह मंत्री अमित शाह इसका उद्घाटन करेंगे.
केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 29-30 मार्च को बापू बैठक भवन में सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण करेंगे. इस अवसर पर बैंक मित्र समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किये जायेंगे. साथ ही, दरभंगा में मखाना प्रसंस्करण केंद्र का उद्घाटन किया जाएगा, जिससे मखाना उत्पादकों को बेहतर बाजार मौजूद होगा.
इतना ही नहीं, 11 नए गोदामों का उद्घाटन किया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादों के भंडारण की सुविधा बढ़ेगी. 500 पीएसी को ई-पीएसी घोषित किया जाएगा और उन्हें प्रमाण पत्र दिए जाएंगे. विश्व की सबसे बड़ी खाद्य भंडारण योजना के अनुसार गोदामों के निर्माण की आधारशिला दो पीएसी में रखी जाएगी.
बिहार गवर्नमेंट की इन योजनाओं से किसानों, स्त्रियों और सहकारी समितियों को काफी फायदा मिलेगा. इन प्रयासों से बिहार का सहकारी क्षेत्र मजबूत होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा.
बैंकिंग सेवाओं का विस्तार
राज्य गवर्नमेंट सहकारी समितियों को बैंक मित्र के रूप में विकसित कर रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं बढ़ेंगी. अगले 6 माह में 1500 समितियों को माइक्रो एटीएम मौजूद कराये जायेंगे. इसके अतिरिक्त, नाबार्ड ने 785 एम-एटीएम के लिए आर्थिक सहायता स्वीकृत किया है, जिनमें से 100 समितियों को ये मशीनें वितरित की जा चुकी हैं.
इस कार्यक्रम में 5350 पैक्स समितियां, मछुआ सहकारी समितियां, बुनकर सहकारी समितियां, 1000 दुग्ध उत्पादक समितियां, 300 सब्जी उत्पादक समितियां और 300 हथकरघा बुनकर समितियां भाग लेंगी.
सब्जियों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की योजना
कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने बोला कि बिहार की सब्जियों की पहुंच विदेश तक बढ़ाने के लिए विशेष मोबाइल ऐप विकसित किया जा रहा है. इससे किसानों को सीधे तरराष्ट्रीय बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाई जा सकेगी.

