बिहार को मिली सुपरफास्ट सौगात, NH–139W पर अब नहीं होगी कोई रुकावट, 7 जिलों का होगा फायदा
चम्पारण वासियों के लिए अच्छी-खबर है। दरअसल, उत्तरी इलाकों को तेज रफ्तार और मजबूत कनेक्टिविटी देने वाली एक बड़ी सड़क परियोजना को केंद्र गवर्नमेंट की स्वीकृति मिल गई है। कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने साहेबगंज-अरेराज-बेतिया खंड (NH-139W) को हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर चार लेन ग्रीनफील्ड हाइवे के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। मिली जानकारी के अनुसार, कुल 78.942 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट पर करीब 3822.31 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

एक घंटे में पूरा होगा तीन घंटे का सफर
बता दें कि यह हाईवे पटना को बेतिया से जोड़ेगा और वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण और पश्चिमी चम्पारण जैसे सात जिलों को बेहतर नेटवर्क देगा। राहत की बात यह है कि इस नए ग्रीनफील्ड सड़क से साहेबगंज से बेतिया का यात्रा तीन घंटे से घटकर केवल एक घंटे का रह जाएगा। इतना ही नहीं, इस सड़क की डिजाइन गति 100 किमी प्रति घंटा रखी गई है, जबकि औसत गति 80 किमी प्रति घंटा होगी।
अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ग्रीनफील्ड सड़क पर इस गति से यात्रा की सुविधा से कितने यात्रियों को सुरक्षित, बाधारहित और तेज यात्रा का फायदा मिलेगा। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने पीएम मोदी का आभार जताते हुए बोला कि यह परियोजना सात पीएम गति शक्ति आर्थिक नोड्स, छह सामाजिक नोड्स, आठ लॉजिस्टिक नोड्स और नौ प्रमुख पर्यटन-धार्मिक केंद्रों को जोड़ेगी। बड़ी बात यह है कि इस हाईवे से बिहार के बौद्ध सर्किट और तरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
केसरिया स्थित बौद्ध स्तूप (साहेबगंज), सोमेश्वरनाथ मंदिर (अरेराज), जैन मंदिर, विश्व शांति स्तूप (वैशाली) और पटना स्थित महावीर मंदिर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों तक पहुंच सुगम हो जाएगा। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिसका सकारात्मक असर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। फिलहाल NH-139W भीड़भाड़ वाले NH-31, 722, 727, 27 और NH-227A जैसे रास्तों का वैकल्पिक लिंक बनेगा, जिससे पुराने मार्गों पर दबाव कम होगा।

