बीजेपी जाति, धर्म, संप्रदाय, गौ रक्षा और गौ हत्या के नाम पर देश में वोट मांग रही है : शकील अहमद
पटना. बिहार की राजधानी पटना में एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भाजपा को गौ-रक्षक पार्टी कहा था. उन्होंने लोगों से गौ-रक्षा के लिए भाजपा को वोट देने की भी अपील की थी. इस पर अब कांग्रेस पार्टी नेता शकील अहमद का बयान सामने आया है.

उन्होंने कहा, “बीजेपी विकास के मामले पर वोट नहीं मांग रही है. उसे अच्छे से पता है कि उसने विकास के नाम पर केवल धर्म और जाति की राजनीति की है. भाजपा जाति, धर्म, संप्रदाय, गौ रक्षा और गौ मर्डर के नाम पर राष्ट्र में वोट मांग रही है.“
उन्होंने कहा, “बीजेपी हार चुकी है और वो हताशा में इस तरह के बयान दे रही है, जिसका कोई तुक नहीं है. हताशा में आकर अब भाजपा ऐसे बयान दे रही है, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हो, ध्रुवीकरण हो. लेकिन, हम लोग जिस तरह के प्रश्न उठा रहे हैं, उसका उन्हें उत्तर देना चाहिए. बीते दिनों पेपर लीक होने की वजह से 60 हजार विद्यार्थी परेशान हुए और आज लाखों विद्यार्थी जॉब के लिए तरस रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री योगी इन मुद्दों पर कुछ नहीं बोल रहे हैं. उनके पास इन सभी प्रश्नों का कोई उत्तर नहीं है. आज की तारीख में हर किसी को जॉब की आवश्यकता है. बेरोजगारी के मुद्दे में हिंदुस्तान ने पिछले 45 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन वो इस प्रश्न का उत्तर देने में दाएं-बाएं कर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी जी, आपको अपनी बात जिस शैली में रखनी है, आप रख सकते हैं, लेकिन मैं आपको एक बात कह देना चाहता हूं कि इससे जनता का पेट नहीं भरता है. जनता का पेट तो इस बात से भरता है कि आप उसकी थाली में रोटी सब्जी डालिए. उसके पॉकेट में कुछ पैसा डालेंगे, इसी से उसका पेट भरेगा, ताकि वो अपना परिवार चला सके.“
उन्होंने आगे कहा, “जिस बीजेपी के नेता अपनी डिग्रियों को लेकर अपनी बात रखने में असमर्थ हो, ऐसे में ये लोग कुछ भी कह सकते हैं. इन पर भरोसा नहीं किया जा सकता. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी कुछ और कर रहे हैं और मुख्यमंत्री योगी कुछ और कर रहे हैं. सच्चाई तो यह है कि इन लोगों को जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं है. राष्ट्र की जनता अब इस बात को जान चुकी है कि भाजपा को लोगों के बारे में कुछ नहीं पता है. आप लोग कुप्रथा के दम पर अपनी गवर्नमेंट चला रहे हैं. आपके पास लोगों को राहत देने और उन्हें तकलीफ से निकालने का तरीका नहीं है. आपको आर्थिक स्थिति सुधारने के बारे में नहीं पता है कि कैसे लोगों के लिए काम किया जाए. राष्ट्र इस बात को इतिहास में जरूर दर्ज करेगा कि किस तरह से आपने इस राष्ट्र के भाईचारे को समाप्त करने का काम किया है.“

