खूनी साजिश का पर्दाफाश! गिरफ्तार हुआ सुमित हत्याकांड का मुख्य शूटर
भोजपुर के टाउन थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. दवा व्यवसायी सुमित सिंह हत्याकांड में मुख्य शूटर को अरैस्ट किया है. जिसकी पहचान बड़हरा के पैगा गांव निवासी सिद्धार्थ सिंह उर्फ नारायण सिंह के तौर पर हुई है. वर्तमान में मीरगंज मोहल्ले में
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पूछताछ के दौरान सिद्धार्थ ने अपना अपराध कबूल कर लिया है. उसने स्वयं गोली मारी थी. 2 लाख की सुपारी दी गई थी. एडवांस के तौर पर 20 हजार मिले थे. उसने मर्डर की दो वजह बताई. पहली मारे गए केबी उर्फ जितेंद्र के भाई दीपक कुमार के कहने पर यह कदम उठाया. दूसरी कुछ दिन पहले गंगा घाट पर स्नान के दौरान सुमित और सिद्धार्थ के बीच टकराव हुआ था. सुमित ने उसे बेइज्जत किया था. इसी रंजिश और दीपक के इशारे पर मर्डर की षड्यंत्र रची गई.
6 अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया था
11 सितंबर को मुख्य आरोपी जवाहर टोला निवासी दीपक कुमार और करमन टोला, रस्सी बगान निवासी सागर ने पुलिस दबिश के बाद न्यायालय में सरेंडर किया था. रिमांड पर पूछताछ में पूरे काण्ड का खुलासा हुआ. जांच में सामने आया कि कुल छह लोगों की संलिप्तता थी.
12 सितंबर को पुलिस ने लाइनर की किरदार निभाने वाले जवाहर टोला निवासी गुड्डू कुमार और करमन टोला निवासी रजनीकांत गौतम को अरैस्ट किया. उनके पास से दो पिस्टल, दो मैगजीन, दो कारतूस और बाइक बरामद की गई.घटना के दिन एक बाइक पर सिद्धार्थ और सागर थे. दूसरी बाइक पर दीपक और उत्तम उर्फ बमबम थे. जबकि गुड्डू और रजनीकांत लाइनर की किरदार में थे. नामजद आरोपी उत्तम कुमार उर्फ बमबम अब भी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है.
घर के पास मारी थी गोली
घटना 5 सितंबर रात की है. दवा व्यवसायी सुमित कुमार सिंह अपनी गाड़ी से उतरकर घर की गली में प्रवेश कर रहे थे. उसी समय बाइक सवार हथियारबंद अपराधियों ने अंधाधुन्ध फायरिंग कर दी. गोली लगते ही सुमित की मौके पर ही मृत्यु हो गई.
हत्याकांड की वारदात ने पूरे शहर को दहला दिया था. गोलीबारी के बाद शूटर हाईवे के रास्ते बक्सर की ओर भाग निकले थे.वारदात के बाद मृतक के पिता तारकेश्वर सिंह के बयान पर पुलिस ने दीपक, सागर और उत्तम के विरुद्ध टाउन थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी.

