बिहार

स्पीड ब्रेकर पर हिल जाती है हड्डी, वाहन पर बुजुर्ग, महिलाओं व बच्चों को होती है परेशानी

जिले में रोजाना विभिन्न सड़कों पर हजारों छोटे-बड़े वाहनों का परिचालन होता है यहां की कई सड़कें जर्जर हैं, तो कई जगहों पर तीखे मोड़ भी हैं ऐसे में मुख्य और ग्रामीण सड़कों पर बेतरतीब ढंग से गति ब्रेकर रहना वाहन चालकों के लिए कठिनाई का सबब बन गया है इससे अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं ज्ञात हो कि अमरपुर से लेकर बांका की मुख्य सड़क करीब 25 किमी है इतनी कम दूरी में सड़कों पर एक दर्जन से अधिक गति ब्रेकर उपस्थित हैं इसकी उंचाई करीब 5 से 8 इंच तक है जबकि यह 4 इंच से अधिक नहीं होनी चाहिए इस ब्रेकर पर न तो पथ निर्माण विभाग द्वारा और न ही परिवहन विभाग द्वारा कोई बोर्ड और सांकेतिक चिह्न लगाया गया है इस कारण सड़क पर उपस्थित ब्रेकर की चपेट में आकर वाहन पर सवार आधा दर्जन से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है जबकि दो दर्जन से अधिक लोग वाहन से गिरकर जख्मी और चोटिल हो चुके हैं ऐसे हालात जिले के सभी मुख्य सड़कों की हैं खासकर बेलहर-देवघर रोड, बेलहर-संग्रामपुर रोड और बेलहर-तारापुर मुख्य मार्ग एवं कटोरिया-सिमुलतुल्ला मार्ग पर बने गति ब्रेकर जानलेवा साबित हुए है

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आप यदि अमरपुर से बांका आयेंगे, तो कुछ-कुछ दूरी पर लंबे चौड़े और लगातार कई ब्रेकर अचानक सामने आ जायेंगे इन ब्रेकरों की वजह से बाइक और अन्य वाहन चालकों और सवार यात्रियों को खासी कठिनाई होती है अचानक ब्रेकर आने से उन्हें तेजी से ब्रेक लगाना होता है कई बार चालक अपना नियंत्रण भी खो बैठता है इतना ही नहीं बेवजह ब्रेकरों की वजह से वाहन पर सवार बुजुर्ग और बच्चे एवं प्रसव पीड़िता को शारीरिक परेशानियां झेलनी पड़तीहैं मानक के उल्टा ब्रेकरों से वाहनों पर भी अनावश्यक दवाब पड़ता है यह समय से पहले जर्जर हो जाता है बांका से मकदुमा और मकदुमा के बाद अमरपुर तक ब्रेकर की स्थिति काफी घातक है जानकारों का बोलना है कि मनमर्जी के अनुसार बगैर मानक और नियम का पालन किये ब्रेकर बना दिया गया है हालांकि, ब्रेकर की जरूरत सड़क पर होती है, लेकिन इसके लिए उपयुक्त स्थल का चयन भी महत्वपूर्ण है

ब्रेकर है, लेकिन निशान गायब हैं

यातायात और सड़क से संबंधित नियम के मुताबिक ब्रेकर तय मानक के अनुरूप ही बनाया जाना चाहिए उसकी चौड़ाई और लंबाई के साथ उपयुक्त स्थल का चयन अति जरूरी है इतना ही नहीं जहां गति ब्रेकर बनाया जाता है, वहां नियम के मुताबिक सड़क पर सफेद निशान या पट्टी लगानी होती है साथ ही इससे संबंधित बोर्ड भी लगाया जाना जरूरी है ताकि, वाहन चालकों को दूर से ही ब्रेकर का संकेत मिल जाये और वह अपने वाहन की गति ब्रेकर के अनुरूप कम कर सके लेकिन यहां ब्रेकर बगैर नियम के जैसे-तैसे बना दिया गया है लोग कहते हैं, जहां ठेकेदार की मर्जी हुई वहां ब्रेकर बनाकर खानापूर्ति कर दी संबंधित कार्य एजेंसी भी इस मुद्दे में मौन है

जान बचाने के लिए गति ब्रेकर बनाइए हुजूर

  • केस स्टडी-01: गत 2 जुलाई को इंगलिश मोड़-शंभुगंज मुख्य मार्ग पर इंगलिशमोड़ के निकट बने ब्रेकर पर बाइक से गिरकर शंभुगंज के साहपुर गांव की सिंधू देवी गिरकर जख्मी हो गयीं उनके गोद में रखा सात दिन का नवजात भी सड़क पर जा गिरा नवजात की मृत्यु हो गयी जबकि संधू देवी को उपचार के लिए भागलपुर रेफर कर दिया गया
  • केस स्टडी-02 : कुछ माह पूर्व कटोरिया-सिमुलतुल्ला मुख्य मार्ग पर बिहारोतरी के नजदीक बने गति ब्रेकर से गिरकर राजवाड़ा गांव की एक स्त्री जख्मी हो गयी प्राथमिक इलाज के बाद देवघर रेफर कर दिया गया जहां उसकी मृत्यु हो गयी स्त्री बाइक पर पीछे बैठी थी ब्रेकर के कारण सड़क पर जा गिरी
  • केस स्टडी-03 : अमरपुर-बांका मुख्य मार्ग में महगामामोड़ के निकट सड़क पर दो बड़े ब्रेकर हैं यहां इस साल में अब तक दो-तीन लोगों की मृत्यु हो चुकी है हाल के दिनों में भागलपुर के एक पुरुष बाइक पर सवार होकर घर लौट रहा था पहले उसकी बाइक तीखे मोड़ के कारण असंतुलित हुई, फिर गति ब्रेकर के कारण बाइक सड़क किनारे पेड़ से जा टकरायी प्राथमिक इलाज के बाद भागलपुर रेफर किया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गयी
  • केस स्टडी-04 : अमरपुर बाजार से आगे अमरपुर-भागलपुर मुख्य मार्ग पर बुच्चीमोड़ पर तीखा मोड़है ऊपर से सड़क पर 2-3 बड़े-बड़े गति ब्रेकर उपस्थित हैं यहां वाहन अक्सर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं क्षेत्रीय लोगों की मानें तो इस साल अब तक इस स्थान पर आधा दर्जन से अधिक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं एक दर्जन से अधिक लोग हाथ-पैर तुड़वा चुके हैं

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