टूट गया सस्पेंस! बिहार महागठबंधन का सीटों का फॉर्मूला सामने…
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर सत्तारूढ़ एनडीए रणनीति को आखिरी रूप देने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी महागठबंधन ने सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला लगभग तय कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की वार्ता के बाद गठबंधन के सभी घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग पर सहमति बन गई है। अब सिर्फ़ आधिकारिक घोषणा बाकी है।

जानकारी के मुताबिक, आरजेडी (RJD) को गठबंधन में सबसे बड़ा हिस्सा मिला है। तेजस्वी यादव की पार्टी को 130 विधानसभा सीटें दी गई हैं। वहीं कांग्रेस पार्टी (INC) को 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। इसके अतिरिक्त विकासशील आदमी पार्टी (VIP) को 20 सीटें, लेफ्ट पार्टियों (CPI, CPI(ML), CPI(M)) को कुल 35 सीटें, पारस गुट की लोक जनशक्ति पार्टी (LJP-RV) को 2 सीटें और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को भी 6 सीटें मिल सकती हैं।
RJD को मिला नेतृत्व का मौका
सीट बंटवारे के इस फॉर्मूले से यह साफ हो गया है कि महागठबंधन का चेहरा एक बार फिर तेजस्वी यादव ही होंगे। आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर न केवल सबसे अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी, बल्कि सीएम पद का दावा भी उसी के पास रहेगा। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि पिछली बार की तरह इस बार भी महागठबंधन में तेजस्वी यादव ही ड्राइविंग सीट पर काबिज होंगे।
कांग्रेस को कम सीटों से असहमति, लेकिन समझौता हुआ
कांग्रेस के कुछ नेताओं ने पहले 70 से अधिक सीटों की मांग की थी, लेकिन राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की बैठक के बाद 50 सीटों पर सहमति बन गई। कांग्रेस पार्टी का तर्क था कि पिछली बार पार्टी ने लगभग 19 सीटें जीती थीं और उसका वोट शेयर 9% के आसपास रहा, ऐसे में उसका हिस्सा और बड़ा होना चाहिए. हालांकि गठबंधन में एकता बनाए रखने के लिए पार्टी ने समझौता कर लिया है।
लेफ्ट पार्टियों को 35 सीटों का पैकेज
महागठबंधन में इस बार लेफ्ट पार्टियां भी अहम किरदार में हैं। पिछली बार CPI(ML) की मजबूत उपस्थिति ने कई सीटों पर आरजेडी और कांग्रेस पार्टी को लाभ पहुंचाया था। इस बार CPI(ML) को लगभग 20 सीटें, CPI को 8 और CPI(M) को 7 सीटें दिए जाने की आसार है। लेफ्ट पार्टियों को सीमांचल, मगध और तिरहुत इलाकों में मजबूत उम्मीदवारों के साथ उतारने की योजना है।
VIP, JMM और पारस गुट को भी जगह
मुकेश सहनी की VIP पार्टी, जो पहले एनडीए का हिस्सा थी, इस बार पूरी तरह से महागठबंधन के साथ मैदान में उतरेगी। पार्टी को 20 सीटों का ऑफर मिला है, जिसमें से ज्यादातर सीटें निषाद वोट बैंक वाले इलाकों से हैं।
वहीं झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी JMM को सीमांचल और झारखंड सीमा से सटे 6 सीटों पर लड़ने का मौका मिलेगा। रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस की पार्टी को भी 2 सीटें दी गई हैं।
गठबंधन का फोकस- युवाओं और रोजगार पर
महागठबंधन ने इस बार का चुनाव “नौकरी बनाम दावे” के मामले पर लड़ने की रणनीति बनाई है। आरजेडी के घोषणापत्र में फिर से 10 लाख नौकरियों का वादा दोहराया जाएगा, जबकि कांग्रेस पार्टी बेरोजगारी, स्त्री सुरक्षा और शिक्षा के मुद्दों पर अपने एजेंडे को आगे बढ़ाएगी। लेफ्ट पार्टियां श्रमिकों और किसानों से जुड़े प्रश्नों को उठाएंगी।
अब बस आधिकारिक घोषणा बाकी, सवर्णों को मौका
महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर सहमति बन जाने के बाद अब इसकी औपचारिक घोषणा कुछ ही दिनों में की जाएगी। आशा है कि पटना में तेजस्वी यादव और राज्य कांग्रेस पार्टी प्रभारी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी सीटों की सूची जारी की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवारों के नामों पर भी आखिरी मुहर लगेगी। कहा जा रहा है कि इस बार आरजेडी सवर्ण जाति के उम्मीदवारों को पिछली बार की तुलना में अधिक मौका देगी। वहीं तेजस्वी यादव इस बार फीडबैक के आधार पर जिताऊ उम्मीदवार को ही मौके देंगे।

