पिता को श्रद्धांजलि देते हुए चिराग ने जताई बिहार के प्रति प्रतिबद्धता, कहा- बिहार फर्स्ट…
लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्र गवर्नमेंट में मंत्री चिराग पासवान ने NDA में अपने रहने या न रहने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बोला कि वे किसी सीट या पद की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनकी एकमात्र अहमियत बिहार और ब

पिता के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुंचे थे चिराग
बुधवार को चिराग पासवान अलौली प्रखंड के शहरबनी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पिता और दलितों के देवदुत कहे जाने वाले स्वर्गीय रामविलास पासवान की चौथी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान उन्होंने अपने पिता के सियासी जीवन, सामाजिक सहयोग और गरीबों के प्रति सरेंडर को याद किया.
सीट बंटवारे को लेकर बोले
मीडिया से वार्ता में चिराग पासवान ने सीट बंटवारे को लेकर उठ रही अटकलों को खारिज किया. उन्होंने कहा, “जो भी अधिकारिक जानकारी होगी, वह समय आने पर साझा की जाएगी. लेकिन यह बोलना गलत है कि मैं नाराज हूं या पद और सीटों की मांग कर रहा हूं. मेरी सिर्फ़ एक डिमांड है — बिहार फर्स्ट और बिहारी फर्स्ट.”
रामविलास को कहा गरीबों की आवाज
उन्होंने आगे बोला कि स्वर्गीय रामविलास पासवान केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि गरीबों, दलितों और वंचितों की आवाज थे. उन्होंने सामाजिक इन्साफ और समानता की लड़ाई को जीवनभर जारी रखा. चिराग ने बोला कि वे अपने पिता के दिखाए रास्ते पर चलते हुए समाज की सेवा करते रहेंगे.
कई नेता रहे मौजूद
श्रद्धांजलि सभा में कई प्रमुख नेता और सांसद भी शामिल हुए, जिनमें खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा, समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी, वैशाली की सांसद बीना देवी और जमुई के सांसद अरुण भारती प्रमुख रहे. सभी ने रामविलास पासवान के सहयोग को याद करते हुए उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग भी शामिल हुए. मौके पर रामविलास पासवान के जीवन पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र प्रदर्शित किया गया, जिसमें उनके संघर्ष, उपलब्धियों और समाज सेवा के कार्यों को दर्शाया गया.
कार्यक्रम के अंत में चिराग पासवान ने सभी मौजूद लोगों का आभार व्यक्त करते हुए बोला कि वे अपने पिता के सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयासरत रहेंगे.

