बिहार में कांग्रेस राजेश राम 11 सदस्यीय शिष्टमंडल के साथ सौपेंगे ज्ञापन
मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी में 10 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार मुद्दे में बिहार कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम 11 सदस्यीय शिष्टमंडल के साथ राजभवन जाकर ज्ञापन सौंपेंगे.
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बच्ची को भर्ती करवाने PMCH पहुंचे थे
शनिवार को मुजफ्फरपुर से पटना आई 10 वर्ष की बलात्कार पीड़ित बच्ची सुबह 11 बजे PMCH हॉस्पिटल पहुंची थी, मगर उसे बेड नहीं मिला था. वह एम्बुलेंस में ही तड़पती रही. इस बात की जानकारी मिलने पर कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम अपने अन्य कार्यकर्ताओं के साथ PMCH पहुंचे थे.
बच्ची को बेड दिलाने के जद्दोजहद में वह लग गए थे. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को भी कॉल किया लेकिन प्रदेश अध्यक्ष का बोलना था कि उन्होंने टेलीफोन रिसीव नहीं किया.
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का किया था पुतला दहन
वहीं, रविवार को बिहार प्रदेश कांग्रेस पार्टी कमेटी की ओर से आयकर गोलंबर पर सीएम नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का पुतला दहन किया गया था. सभी ने जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने मंगल पांडे और नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग की. कांग्रेस पार्टी की स्त्री कार्यकर्ता हाथों में चूड़ियां लेकर पहुंची थी.
कांग्रेस ने निकाला था हल्ला बोल मार्च
सोमवार को दलित बच्ची के साथ बलात्कार की घटना और फिर मृत्यु हो जाने पर कांग्रेस पार्टी की ओर से हल्ला बोल मार्च निकाला गया था. कांग्रेसी सदाकत आश्रम से मुख्यमंत्री हाउस के लिए निकले थे. हालांकि, उन्हें राजा पुल के पास ही पुलिस द्वारा रोक दिया गया था. पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा दी थी और फिर भारी फोर्स की तैनाती हुई थी. बहस के बाद यूथ कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु और बिहार यूथ कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवप्रकाश गरीब दास को पुलिस अपने साथ गाड़ी में लेकर गई थी.
राहुल गांधी ने भी किया था ट्वीट
इस घटना को लेकर राहुल गांधी ने भी अपने X एकाउंट पर ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा था, ‘मुजफ्फरपुर में दलित नाबालिग बेटी के साथ हवस और फिर इलाज़ में हुई ढिलाई बहुत शर्मनाक है. यदि समय पर इलाज़ मिला होता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी. लेकिन डबल इंजन गवर्नमेंट ने सुरक्षा तो दूर, जीवन रक्षा में भी घोर ढिलाई बरती. पीड़ित परिवार को इन्साफ मिलने तक हम चुप नहीं बैठेंगे. दोषियों और लापरवाह अफसरों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए.‘

