बिहार में आग की तरह फैल रहा है अपराध, लगातार सवालों के घेरे में फंस रही है सरकार
Bihar News: बिहार में कुछ महीनों के बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के टॉप लीडर्स लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। विरोधी दल के नेता एक-दूसरे पर अटैक करने का कोई मौका नहीं गंवा रहे हैं। वहीं, बिहार में अब एक और मामले ने तूल पकड़ लिया है। प्रदेश में पिछले कुछ महीनों से लगातार हत्या की घटनाएं हो रही हैं। राजधानी पटना में ही हाईप्रोफाइल हत्या की कई घटनाएं हो चुकी हैं। प्रसिद्ध व्यवसायी गोपाल खेमका के बाद अंधाधुन्ध कई अन्य व्यवसायियों की भी हत्या कर दी गई।

अब एक वकील की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। जुलाई महीने में ही प्रदेशभर में हत्या की तीन दर्जन से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं। वहीं, जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग विचित्र ढंग से बयानबाजी कर रहे हैं। डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं पर बोला कि बिहार में कोई संगठित क्राइम नहीं है। ऐसे में अब प्रश्न उठता है कि क्या लॉरेंस बिश्नोई जैसा कोई गैंग बिहार में होगा तभी माना जाएगा कि प्रदेश में अपराध हो रहा है। गैंग कोई भी हो बिहार में हत्या पर हत्या तो हो ही रहे हैं।
ऐसे क्राइम को कौन रोकेगा
भयावह तस्वीर
बिहार में हत्याओं का सिलसिला लगातार जारी है। प्रदेश में 13 दिन में ही कम से कम 37 लोगों की मर्डर हो चुकी है। इससे नीतीश गवर्नमेंट में कानून-व्यवस्था पर प्रश्न उठने लगे हैं। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव लगातार इसको लेकर गवर्नमेंट पर हमलावर हैं। बिहार के एक और डिप्टी मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने और भी गंभीर बात कही है। उन्होंने भी बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर प्रश्न उठाए। विजय सिन्हा ने बिहार पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न खड़े करते हुए बोला कि पुलिस प्रशासन की कमजोरी से अपराधियों के आत्मशक्ति बढ़ा है। उन्होंने रेत माफिया, जमीन माफिया और दारू माफिया के गठजोड़ का भी जिक्र किया। विजय सिन्हा ने आगे बोला कि ये जमीन माफिया और दारू माफिया का गठजोड़ कहीं न कहीं पुलिस प्रशासन के कमजोर कड़ी के कारण उनका आत्मशक्ति बढ़ा है। और गवर्नमेंट सजगता के साथ पूरी एक्शन ले रही है। विजय सिन्हा ने आरजेडी पर धावा बोलते हुए बोला कि प्रदेश पुलिस में अभी भी कुछ राजद मानसिकता वाले थानेदार हैं, जिन्हें चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे थानेदारों पर आगे कार्राई होगी।

