समस्तीपुर में बेखौफ है अपराधी, सामने आया मुखिया मनोरंजन गिरी हत्याकांड गैंगवार का परिणाम
समस्तीपुर में गुरुवार की रात लुटेरों ने मुखिया मनोरंजन गिरी की गोली मारकर मर्डर कर दी. मनोरंजन करिहरा पंचायत के मुखिया थे. गैंगवार में वारदात को अंजाम देने की संभावना जताई जा रही है. तीनों लोगों को हिरासत में लिया गया है. जिससे पुलिस स्टेशन पर पूछताछ की जा रही

पुलिस विक्रम गिरी की हत्याकांड से जोड़कर इस मुद्दे को देख रही. विक्रम गिरि मुखिया के गांव के ही रहने वाले थे. एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बोला कि मनोरंजन गिरी पर पूर्व से भी कई आपराधिक केस दर्ज है. हाल ही में विक्रम गिरी की मर्डर में नामजद था. उस मुद्दे में पुलिस की अनुसंधान अभी चल रह. इस घटना को विक्रम गिरी की मर्डर से जोड़कर देखा जा रहा है. पुलिस की टीम सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है.
गुरुवार को मुखिया सातनपुर चौक से घर की ओर जा रहे थे. इसी दौरान पानी टंकी के पास घात लगाए लुटेरों ने निकट से उनके सीने में 3 गोलियां मारी है. गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई. सड़क से गुजर रहे लोगों ने मृतशरीर देखा तो शोर मचाया. काफी निकट से गोली मारी गई थी.
मुखिया पर मर्डर की षड्यंत्र रचने का इल्जाम लगा था
बता दें कि मुखिया मनोरंजन पर हाल ही में विक्रम की मर्डर की षड्यंत्र रचने का इल्जाम लगा था. विक्रम पहले मनोरंजन गिरी के साथ मिलकर गांव में ठेकेदारी का काम करता था, लेकिन बाद में दोनों के संबंध खराब हो गए थे. इसके साथ ही मुखिया का दामन भी आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है. उसके ऊपर आधा दर्जन से अधिक मुकदमा दर्ज है. संभावना है कि विक्रम की मर्डर का बदला लेने की नीयत से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है.
घटनास्थल से लावारिस बाइक बरामद
पुलिस ने मौके पानी टंकी के पास से एक लावारिस बाइक और हेलमेट बरामद की है. आसार जताई जा रही है कि पूर्व से घात लगाए लुटेरों ने उन्हें टेलीफोन करके पानी टंकी के पास बुलाया था. कुछ देर उनकी वार्ता भी हुई है फिर गोली मारी गई है, क्योंकि डेड बॉडी के पास आधी जली सिगरेट भी मिला था.
पूर्व जिला परिषद सदस्य की मर्डर का आरोप
इंटर तक पढ़ाई करने वाले मनोरंजन गिरी के पिता किसान थे. वर्ष 2012 में पहली बार सरायरंजन क्षेत्र से जिला परिषद रहे फन्नू झा की मर्डर में नाम सामने आया था. कारावास भी जाना पड़ा था. साल 2016 में कारावास से बाहर निकले. इस बीच करिहारा पंचायत से मुखिया के रूप में चुनाव लड़ा और चुनाव जीत भी गया. इसके बाद से लगातार पंचायत का मुखिया बना हुआ है. हालांकि इस दौरान उस पर कई आपराधिक मुद्दा भी दर्ज हुआ. लेकिन कानूनी दांव पेंच के कारण पद पर बरकरार रहा.
21 अगस्त 2025 को मनोरंजन गिरी पर ग्रामीण विक्रम गिरी की मर्डर का इल्जाम लगा. विक्रम के परिवार के लोगों ने मनोरंजन पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई. हालांकि घटना के दिन वह कोलकाता में था और मां का इलाज कर रहा था जिस कारण पुलिसिया अनुसंधान होने तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी.

