बिहार में डेयरी किसानों को मिलने वाली है बड़ी राहत
Bihar Chunav and Cow Dung: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र गवर्नमेंट की एक महत्वाकांक्षी योजना से डेयरी किसानों को बड़ी राहत मिलने वाली है। दरअसल, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने छह राज्यों के किसानों को 1 रुपये प्रति किलोग्राम की रेट से गोबर बेचने का मौका देगा। ये गोबर बायो गैस (CBG) प्लांटों में इस्तेमाल किए जाएंगे। इसके लिए डेयरी बोर्ड छह राज्यों में 15 प्लांट लगाएंगी। यह योजना भारत-जापान के स्वच्छ ऊर्जा योगदान का हिस्सा है और बिहार में NDDB द्वारा स्थापित हो रहे बायोगैस प्लांटों से जुड़ी है।

आधिकारिक तौर पर इन संयंत्रों को रोजाना 1500 टन गोबर की जरूरत होगी, जिससे किसानों को प्रतिदिन ₹15 लाख (सालाना लगभग ₹55 करोड़) की आय होगी। डेयरी सहकारी समितियों को बढ़ावा और उन्हें फाइनेंस करने वाली संस्था डेयरी बोर्ड गुजरात, राजस्थान, ओडिशा, गोवा और बिहार में 15 बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है। इनके लिए किसानों से पशु अपशिष्ट की खरीद के लिए आपूर्ति श्रृंखलाएं तैयार की जा रही हैं। एक अधिकारी ने कहा कि यह योजना न सिर्फ़ किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में यह विशेष रूप से जरूरी है, जहां बेरोजगारी और प्रवासन प्रमुख मामले हैं।
जापान के साथ सहयोग
स्वच्छ ऊर्जा भारत-जापान के बीच कृषि योगदान का प्रमुख क्षेत्र बन चुका है। पीएम मोदी की पिछले महीने टोक्यो यात्रा के दौरान जापानी कंपनियों ने हिंदुस्तान में वैकल्पिक ऊर्जा, मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर और एआई जैसे क्षेत्रों में 68 अरब $ के निवेश की प्रतिबद्धता जाहिर की। इसी कड़ी में सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन ने डेयरी बोर्ड के साथ साझेदारी की है। सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन की सहायक कंपनी सुजुकी आरएंडडी सेंटर इण्डिया NDDB मिरदा लिमिटेड (NDDB की बायोगैस सहायक कंपनी) में निवेश कर रही है। सुजुकी का प्रारंभिक निवेश NDDB मिरदा में 26 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए है, जिसे बाद में 49 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है।
बायोगैस पशु अपशिष्ट से एनारोबिक अपघटन प्रक्रिया द्वारा उत्पादित एक शुद्ध बायोगैस है, जो नवीकरणीय ईंधन के रूप में उपयोगी है। NDDB के अतिरिक्त कई राज्य समर्थित और निजी कंपनियां कृषि अपशिष्ट पर आधारित बायो-एनर्जी संयंत्रों में ₹1400 करोड़ से अधिक निवेश करने की योजना बना रही हैं। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों को अतिरिक्त आय का साधन प्रदान करेगी। बिहार में लाखों किसान डेयरी व्यवसाय से जुड़े हैं। यह योजना ग्रामीण विकास का नया आयाम खोलेगी। अब प्रश्न उठता है कि यह योजना बिहार चुनाव पर क्या असर डालेगी? बिहार विधानसभा चुनाव अक्टूबर या नवंबर में होने हैं।

