पीएम मोदी और नीतीश कुमार के बीच नालंदा विश्वविद्यालय पर हुई चर्चा
नई दिल्ली. जी-20 शिखर सम्मलेन के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिए रात्रिभोज में सबकी निगाहें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी (PM modi and Nitish Kumar Meeting) की मुलाकात पर टिकी थी. नीतीश कुमार और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की आमने-सामने यह मुलाकात तकरीबन एक से डेढ़ वर्ष बाद हो रही थी. एक फोटो में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडेन से नीतीश कुमार का परिचय करा रहे हैं. रात्रिभोज में उपस्थित एक मंत्री की मानें तो नीतीश कुमार और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी में तकरीबन 15-20 मिनट की वार्ता हुई है. खास बात यह है कि इतने विदेशी अतिथियों के बीच प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का नीतीश कुमार के लिए 15 से 20 मिनट निकालना खास अर्थ रखता है. सोशल मीडिया और सियासी गलियारे में नीतीश कुमार और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की इस वार्ता के मतलब निकाले जा रहे हैं. खासतौर पर अंदरखाने I.N.D.I.A के नेताओं में इसको लेकर सरगर्मी हो रही है. ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी अपने इतने व्यस्त कार्यक्रम के बीच नीतीश कुमार से 15-20 मिनट तक क्या बात करते रहे?
जानकार मानते हैं कि इसमें कोई संदेह नहीं कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार के बीच नालंदा यूनिवर्सिटी पर चर्चा हुई होगी. बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी हिंदुस्तान मंडपम में रात्रिभोज के लिए जिस जगह पर खड़े होकर G20 प्रतिनिधियों का स्वागत कर रहे थे, उसके बैकग्राउंड में प्राचीन नालंदा यूनिवर्सिटी की तस्वीर लगी हुई थी. पीएम मोदी आने वाले हर मेहमान को नालंदा यूनिवर्सिटी का महत्व बता रहे थे. अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन से लेकर चीन के पीएम तक सबको नालंदा यूनिवर्सिटी के इतिहास से परिचय करा रहे थे. नालंदा यूनिवर्सिटी 5वीं-12वीं सदी के बीच विश्व में शिक्षा केंद्र था. इसकी विरासत महावीर और बुद्ध के युग से चली आ रही है, जो प्राचीन हिंदुस्तान की प्रगति को दर्शाती है.
पीएम मोदी और नीतीश कुमार की केमिस्ट्री
जानकार मानते हैं कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस नालंदा यूनिवर्सिटी को महज कुछ ही घंटों में तरराष्ट्रीय पटल पर ला दिया, उसको लाने में नीतीश कुमार वर्षों से कोशिश कर रहे थे. इसके लिए उन्होंने कई जतन भी किए, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने उस नालंदा यूनिवर्सिटी को पूरी दुनिया के सामने ऐसे सहज ढंग से ला दिया, जिसकी तारफी स्वयं नीतीश कुमार ने भी किया. बता दें कि नीतीश कुमार भी इसी नालंदा से आते है. शायद नीतीश कुमार पूरे डिनर के दौरान गंभीर मुद्रा में यही सोच रहे होंगे कि क्या हमसे भूल तो नहीं हो गई?
इतने साल बाद दोनों में हुई मुलाकात
गौरतलब है कि एनडीए छोड़ने बाद पहली बार नीतीश की प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात हुई है. इससे पहले आखिरी बार नीतीश कुमार और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच मई 2022 में बिहार विधानसभा के एक कार्यक्रम में मुलाकात हुई थी. नीतीश कुमार को बहुत ही करीब से जानने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं, ‘नीतीश कुमार का नालंदा से विशेष लगाव है और वह वाकई में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को दिल से धन्यवाद दे रहे होंगे. इसमें कोई दो राय नहीं कि नीतीश कुमार नालंदा यूनिवर्सिटी बहुत करीब है. नीतीश कुमार के आग्रह पर ही राष्ट्र के पूर्व राष्ट्रपति स्व. एपीजे अब्दुल कलाम ने भी नालंदा यूनिवर्सिटी को पुनर्जीवित करने का विचार रखा था. नीतीश कुमार ने उन्हें इस काम के लिए विशेषतौर पर यूनिवर्सिटी के साथ जोड़ा था, लेकिन उन्होंने 2011 में अपने आपको इससे अलग कर लिया था.
सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की इस तस्वीर की खूब चर्चा हो रही है. जिस गर्मजोशी से प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन से नीतीश कुमार का परिचय कर रहा हैं, उससे नीतीश कुमार का काफी खुश नजर आ रहे हैं. पिछले वर्ष अगस्त महीने में एनडीए छोड़ने के बाद नीतीश कुमार की प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से आमने-सामने यह पहली मुलाकात थी. इसमें कोई संदेह नहीं कि आने वाले दिनों में इस मुलाकात की चर्चा होती रहेगी और सियासी विश्लेषक भिन्न-भिन्न अर्थ भी निकालेंगे.

