बिहार में डबल इंजन की सरकार ने मिथिलंचल को लेकर किए दो बड़े फैसले
पटना। पीएम मोदी 13 नवंबर को दरभंगा में एम्स का शिलान्यास करने वाले हैं। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मंच पर उपस्थित रहेंगे। ऐसे में इस बड़े तोहफे के साथ NDA मिथिलांचल को साधने की पूरी प्रयास करेगा। दरअसल बिहार में डबल इंजन की गवर्नमेंट ने मिथिलंचल को लेकर दो बड़े निर्णय लिए हैं, जिसका विधानसभा चुनाव 2025 में बड़ा असर देखने को मिल सकता है। दरअसल डबल इंजन गवर्नमेंट की 2 सौगातें मिथिलांचल के वोटरों को साधने के लिए बड़ी पहल मानी जा रही है। इन 2 सौगातों का सीधा जुड़ाव आम लोगों से है।

विधानसभा चुनाव 2025 से पहले इन 2 तोहफों को विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एनडीए गवर्नमेंट का मास्टर स्ट्रोक भी बताया जा रहा है। इस बात का इशारा मिथिलांचल से आने वाले जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय भी करते हैं। संजय झा कहते हैं कि 2005 के बाद कभी भी डबल इंजन की गवर्नमेंट ठीक ढंग से नहीं आई थी। लेकिन, यह पहला मौका है जब केंद्र और बिहार में ऐसी डबल इंजन की गवर्नमेंट है जिसके दोनों बड़े नेता पीएम मोदी जी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बीच काफी बेहतर संबंध और आपसी सामंजस्य है।
संजय झा ने बोला कि दरभंगा में एयरपोर्ट देना और उसके बाद हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए केंद्र गवर्नमेंट की ओर से बिहार को बड़ी राशि मिलना न केवल मिथिलांचल के लिए जरूरी था बल्कि इस पहल से पूरे उतर बिहार की तस्वीर बदलने लगी है। अब दरभंगा में ही बिहार के दूसरे AIIMS के शिलान्यास के मौके पर पीएम जी बिहार आ रहे हैं। दरभंगा एम्स का तोहफा न केवल मिथिलांचल बल्कि पूरे उतर बिहार के साथ-साथ नेपाल जैसे राष्ट्र के लिए बड़ी सौगात की तरह होगा, जिसका सीधा असर बिहार के विकास से जुड़ेगा।
संजय झा से जब ये प्रश्न पूछा गया कि क्या इसका असर चुनाव पर भी पड़ेगा तब उन्होंने बोला कि डबल इंजन की गवर्नमेंट केवल वोट के लिए विकास कार्य नहीं करती है। लेकिन, जनता सब देख और समझ रही है कि कौन सी गवर्नमेंट ने उनके विकास के लिए क्या किया है। अब यदि जनता इसका उत्तर वोट से देती है तो ऐसी राजनीति से किसे परहेज होगा।
वहीं बिहार के वरिष्ठ पत्रकार रवि उपाध्याय कहते हैं कि मिथिलांचल एनडीए का मजबूत गढ़ रहा है। आने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए अपना गढ़ न केवल बचाकर रखना चाहती है बल्कि मिथिलांचल से आगे बढ़ सीमांचल और कोशी इलाक़े को भी साधना चाहती है। एनडीए के इस अभियान में दरभंगा एम्स और दरभंगा एयरपोर्ट काफी अहम किरदार निभाने वाला है।
बता दें, बिहार के दूसरे एम्स का निर्माण दरभंग जिला के शोभन बाईपास में 1261 करोड़ से होना है। दरभंगा एम्स में डिजाइन के मुताबिक 750 बेडों होंगे, जिसके लिए राज्य गवर्नमेंट ने 187 एकड़ जमीन का ग्रीन फील्ड दे दिया है। दरभंगा एम्स निर्माण की जिम्मेदारी HSCC कंपनी को दी गयी है।

