बिहार

डॉ. संजय यादव ने स्मार्ट मीटर और गैर-लोकतांत्रिक नीति के खिलाफ आवाज उठाने का लिया निर्णय

कांग्रेस पार्टी सेवा दल ने स्मार्ट बिजली मीटर के विरुद्ध पोस्टर जारी किया है. बिहार प्रदेश कांग्रेस पार्टी सेवा दल के मुख्य संगठक डाक्टर संजय यादव ने बोला है कि स्मार्ट मीटर की दमनकारी और गैर-लोकतांत्रिक नीति के विरुद्ध आवाज उठाने का फैसला लिया है. स्मार्ट मीटर की जल्दबाजी में लागू की जा रही नीति ने आम जनता को परेशानी में डाल दिया है.Download 11zon 2024 09 18t114832. 050

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स्मार्ट बिजली मीटर के विरुद्ध लेफ्ट पार्टियां और राष्ट्रीय जनता दल तो मुखर है ही, अब कांग्रेस पार्टी ने इसके विरुद्ध इन्साफ यात्रा निकालना तय किया है. बिहार कांग्रेस पार्टी सेवा दल के कार्यकारी मुख्य संगठक डाक्टर संजय यादव ने बोला है कि स्मार्ट बिजली मीटर के विरोध में कांग

स्मार्ट मीटर रिचार्ज करने में भी परेशानी

बिहार प्रदेश कांग्रेस पार्टी सेवा दल के मुख्य संगठक डाक्टर संजय यादव ने बोला है कि स्मार्ट मीटर की दमनकारी और गैर-लोकतांत्रिक नीति के विरुद्ध आवाज उठाने का फैसला लिया है. स्मार्ट मीटर की जल्दबाजी में लागू की जा रही नीति ने आम जनता को कठिनाई में डाल दिया है. बिजली बिल में सामान्य से डेढ़ गुना अधिक हो गया है, गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को आर्थिक संकट में डाल रहा है. इसके अलावा, स्मार्ट मीटर की रीडिंग में गड़बड़ी की शिकायतें बढ़ गई हैं, जिससे गलत बिलिंग हो रही है और ग्राहकों को हानि हो रहा है.

ग्रामीण इलाकों में स्मार्ट मीटर को रिचार्ज करने में कठिनाई आ रही हैं, क्योंकि यहां स्मार्ट टेलीफोन और इंटरनेट की कमी है. रिचार्ज समाप्त होने पर बिजली की अचानक कटौती के कारण लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ता है. स्मार्ट मीटर का विरोध करने वालों को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जा रही है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है. इसके अतिरिक्त ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी और तकनीकी ज्ञान की कमी के कारण स्मार्ट मीटर सफल नहीं है. इस स्थिति को देखते हुए, हमारी प्रमुख मांग है कि स्मार्ट मीटर नीति को तुरंत वापस लिया जाए, गरीबी, निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को राहत देते हुए पारंपरिक मीटर की प्रणाली को बहाल किया जाए.

कांग्रेस बिहार इन्साफ यात्रा का शेड्यूल

  • 19 सितंबर, सुबह 9 बजे- पटना सप्तमूर्ति शहीद स्थल से यात्रा प्रारम्भ होगी और गर्दनीबाग, चितकोहरा, फुलवारी होते हुए एम्स के रास्ते नौबतपुर जाएगी.
  • 20 सिंतबर, सुबह 9 बजे- विक्रम से पालिगंज, विक्रम बाजार से दुल्हिन बाजार, पालिगंज.
  • 21 सितंबर, सुबह 9 बजे- पालिगंज से चेड़ौस मोड़ होते हुए किंजर मोड़, अरवल जिला पुनपुन बांध, चिकसी थाना, कुर्था बाजार.
  • 22 सितंबर, सुबह 9 बजे- कुर्था बाजार से टेकारी (गया), मोतिपुर, कमलापुर, मऊ.
  • 23 सितंबर, सुबह 9 बजे- टेकारी बाजार और कोच प्रखंड.
  • 24 सितंबर, सुबह 9 बजे- टेकारी नगर परिषद से पंचागपुर होते हुए गया, शाहगंज चंदौती.
  • 25 सितंबर, सुबह 9 बजे- गया से मंगला गौरी होते हुए बोध गया, कालचक मैदान, बोधगया में सभा.

कांग्रेस ने बताई स्मार्ट मीटर से जुड़ी 14 परेशानी-:

बिजली बिल में वृद्धिः स्मार्ट मीटर लगने के बाद ग्राहकों को सामान्य से डेढ़ गुना अधिक बिजली बिल मिल रहा है.

फर्जी रीडिंगः स्मार्ट मीटर में पहले से ही गलत रीडिंग सेट होने का इल्जाम है, जिससे गलत बिलिंग हो रही है.

रिचार्ज की समस्याः ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट और SmartPhone की कमी के कारण लोग समय पर मीटर रिचार्ज नहीं कर पा रहे हैं.

अचानक बिजली कटौतीः बिना सूचना के अचानक बिजली काटी जा रही है, जिससे लोगों को कठिनाई हो रही है.

डेटा सुरक्षा की चिंताः स्मार्ट मीटर से एकत्रित डेटा की सुरक्षा पर प्रश्न उठ रहे हैं, जिससे ग्राहकों की गोपनीयता खतरे में है.

अन्यायपूर्ण कानूनी कार्रवाई: स्मार्ट मीटर का विरोध करने पर लोगों को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जा रही है, जो गैर-लोकतांत्रिक है.

बिजली नहीं फिर भी बिलः कई क्षेत्रों में लगातार बिजली नहीं रहने के बावजूद स्मार्ट मीटर से पैसे कट रहे हैं, जिससे लोगों में रोष है.

सर्विस की कमीः स्मार्ट मीटर खराब होने पर तकनीकी सहायता की कमी है, जिससे ग्राहकों को कठिनाई हो रही है.

आर्थिक बोझः गरीब और मध्यम वर्ग के लोग स्मार्ट मीटर से बढ़े हुए बिजली बिलों के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.

अधिकारियों का दमनकारी रवैयाः स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करने पर पूरे गांवों की बिजली आपूर्ति बंद की जा रही है.

ग्रामीण इलाकों में अनुपयोगीः ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी ज्ञान और संसाधनों की कमी के कारण स्मार्ट मीटर उपयोगी साबित नहीं हो रहे हैं.

स्मार्ट मीटर से मुनाफाखोरी : स्मार्ट मीटर का उद्देश्य उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना है, जबकि जनता इसका खामियाजा भुगत रही है.

सुधार की कोई प्रक्रिया नहीं: कम्पलेन करने के बाद भी मीटर की गलतियों को जल्द ठीक नहीं किया जा रहा है.

सुधारात्मक जानकारी का आभावः उपभोक्ता अपने बिजली इस्तेमाल और बिलिंग का परफेक्ट आकलन नहीं कर पा रहे हैं.

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