सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक केस में आर्थिक अपराध इकाई ने की बड़ी कार्रवाई

सुचिंद्र ओडिशा एसएससी पेपर लीक काण्ड में कारावास जा चुका है
दरअसल, पिछले वर्ष एक, सात और पंद्रह अक्टूबर को सिपाही भर्ती परीक्षा हुई थी. इसमें पेपरलीक होने के इल्जाम लगे थे. इल्जाम लगा कि संजीव मुखिया और ग्रामीण कार्य विभाग का निलंबित अकांउटेंट विशाल चौरसिया ने पेपरलीक की षड्यंत्र रची थी. इसके लिए कोलकाता के ब्लेसिंग सिक्योर और कॉलटेक्स प्रिंटिंग प्रेस से संपर्क किया गया था. इतना ही नहीं कॉलटेक्स के निदेशक को 1.50 करोड़ रुपये भी दिए गए थे. विशाल चौरसिया ने ही शिक्षक बहाली पेपर लीक की षड्यंत्र रची थी. उसने वैशाली के सुचिंद्र कुमार की सहायता से शिक्षक भर्ती का पेपर उड़ाया था. सुचिंद्र विशाल के साथ ओडिशा एसएससी पेपर लीक काण्ड में कारावास भी जा चुका है.
गड़बड़ी रोकने के लिए कई भिन्न-भिन्न टीमों को तैनात
बता दें कि आज से केंद्रीय चयन पर्षद सिपाही भर्ती परीक्षा ले रही है. यह परीक्षा 28 अगस्त तक चलेगी. किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से कई भिन्न-भिन्न टीमों को तैनात किया गया है. आर्थिक क्राइम इकाई की टीम लगातार फरार चल रहे परीक्षा माफियाओं के विरुद्ध छापेमारी कर रही है. साइबर सेल की टीम भी नज़र कर रही है. साइबर थाना एवं आर्थिक क्राइम इकाई के स्तर से सोशल मीडिया आदि पर परीक्षा से संबंधित नज़र शुरू की जा चुकी है और संदिग्ध बातों अथवा व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है. पर्षद द्वारा परीक्षा केन्द्रों पर स्वच्छतापूर्ण परीक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। जिसमें प्रत्येक कक्ष एवं अन्य जरूरी स्थानों पर सीसीटीवी से नज़र की जाएगी जिसकी लाइव फीड पर्षद मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष को प्राप्त होगी.

