इन मामलों में सामने आ चुका है इंजीनियर विनोद राय का नाम, EOU के हाथ लगे ये दस्तावेज
बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग में तैनात अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। नज़र विभाग यानी आर्थिक क्राइम इकाई (EOU) की टीम को उनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति से जुड़े कई अहम सबूत मिले हैं। EOU की जांच में करीब 24 डीड पेपर (संपत्ति के दस्तावेज) मिले हैं, जिनसे उनके और उनके करीबियों के नाम पर कई संपत्तियों का पता चला है।

इसके साथ ही EOU ने समस्तीपुर जिले के रोसड़ा और ओडिशा में कंस्ट्रक्शन से जुड़ी फैक्ट्री भी पाई है, जिसके बारे में जानकारी मिली है कि यह राय द्वारा पार्टनरशिप में चलाई जा रही थी। ये सभी सबूत उनकी गैरकानूनी कमाई के स्रोतों की ओर इशारा कर रहे हैं। जिसके आधार पर अब EOU उन पर करप्शन निवारण अधिनियम (PC Act) की धाराओं के अनुसार आय से अधिक संपत्ति का एक अलग मुद्दा दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
पानी की टंकी से मिले थे 50 लाख रुपये
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले EOU की टीम विनोद राय के पटना स्थित आवास पर छापेमारी करने गई थी, लेकिन टीम को रात भर घर के बाहर ही प्रतीक्षा करना पड़ा था। इस दौरान इंजीनियर विनोद राय और उनकी पत्नी ने मिलकर घर के भीतर नोटों की कई गड्डियां जला दी थीं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर की पानी की टंकी से 50 लाख रुपये बरामद किए थे। इसके अलावा, घर की नाली भी जली हुई नोटों से जाम हो गई थी, जिससे यह साफ हो गया था कि राय ने अपनी गैरकानूनी कमाई को छिपाने या नष्ट करने की प्रयास की थी।
इंजीनियर की गैरकानूनी कमाई
अब EOU का मानना है कि विनोद राय की संपत्ति और उनकी आय के ज्ञात स्रोतों में काफी बड़ा अंतर है। उनके पास मिली संपत्तियां और गैरकानूनी स्रोतों से कमाई के सबूत, जैसे कि कंस्ट्रक्शन फैक्ट्री और डीड पेपर, इस बात की पुष्टि करते हैं। इस नए मुद्दे के बाद, विनोद राय के विरुद्ध चल रही जांच और भी तेज होने की आसार है और उन्हें और उनके सहयोगियों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

