पटना जिलों में ओवर स्पीड चलाने वाले बसों एवं कैब का ई चालान कर वसूला जायेगा जुर्माना
बिहार में सड़क हादसे कम करने को लेकर बसों की गति पर लगाम लगाने की तैयारी है। ओवर गति बसें चलाने पर जुर्माना वसूला जा रहा है। अभी तक 2 हजार से अधिक गाड़ियों का ई चलान के जरिए बस मालिकों से जुर्माना लिया गया है।

पटना जिलों में ओवर गति चलाने वाले बसों एवं कैब का ई चालान कर जुर्माना वसूला जायेगा। परिवहन विभाग सचिव संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर पिछले एक माह में जितनी बसों द्वारा गति लिमिट का उल्लंघन किया है, उसका जिला बार विवरण तैयार किया गया है । इन सभी बस मालिकों को चालान जारी किया जा रहा है और तथा लगातार चार बार इसका उल्लंघन होने पर परमिट रद्द करने की भी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिये बसों के लोकेशन की लाइव ट्रैकिंग हो रही है।
2,311 बस और कैब पर जुर्माना
राज्य परिवहन आयुक्त डाक्टर आशिमा जैन ने कहा कि परिवहन विभाग मुख्यालय स्थित वीएलटीडी के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक एक अगस्त से 21 सितंबर तक सभी जिलों में गति लीमिट का उल्लंघन करते हुए कुल 2,311 बस और कैब पाये गये हैं। इसमें ओवर स्पीडिंग मुद्दे में 1,674 बसें हैं जो 80 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से चलाई जा रही थी। वहीं 637 कैब हैं, जो 100 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिक रफ्तार से चलाई जा रही थी।
बस एवं कैब मालिकों से वसूला जायेगा जुर्माना
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा जारी रिपोर्ट के आधार पर ओवर स्पीडिंग उल्लंघन मुद्दे में सार्वजनिक परिवहन के वाहनों जैसे बस और कैब के मालिकों और संचालकों से जुर्माना वसूला जायेगा। इसके लिए सभी जिलों के डीटीओ, एमवीआई और ईएसआई को निर्देश दिया गया है।
मॉनिटरिंग के लिए परिवहन विभाग द्वारा तैयार किया गया है सॉफ्टवेयर
परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा है कि बसों की मॉनिटरिंग के लिए परिवहन विभाग सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। जिस से प्रत्येक कमर्शियल वाहन की लगातार ट्रैकिंग की जा रही है। कौन सा गाड़ी कहां ओवर स्पीडिंग कर रहा है तथा इसका सैटेलाइट बेस्ट टेक्नोलॉजी के माध्यम से साइंटिफिक एविडेंस क्रिएट हो जाता है । जिसमें कितनी स्थान कितनी बार बस, कैब के ड्राइवर ने ओवर स्पीडिंग की, इसका ब्योरा इंटरनेट के माध्यम से सीधे कंट्रोल रूम में आ जाता है तथा वहां परिवहन विभाग की टीम इसकी लगातार मॉनिटरिंग करती है।
परिवहन विभाग मुख्यालय में बनाया है कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
सार्वजनिक परिवहन के वाहनों यथा बस और कैब की ओवर स्पीडिंग पर नजर रखने के लिए परिवहन विभाग मुख्यालय स्थित वीएलटीडी के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए नजर रखी जा रही है। सभी प्रकार की सड़कों और वाहनों के प्रकार के लिए गति लिमिट निर्धारित है। इसका प्रचार प्रसार करने के लिए सभी जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि बस मालिक के साथ बैठक कर इसकी जानकारी दें।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिये बसों के लोकेशन की हो रही लाइव ट्रैकिंग
निर्भया फ्रेमवर्क के अनुसार सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों में व्हीकल लोकशन ट्रैकिंग डिवाइस एवं आपातकालीन बटन लगाना एवं उसे एक्टिव रखना जरूरी किया गया है। इसकी मॉनिटरिंग के लिए परिवहन विभाग मुख्यालय में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। इसके माध्यम से सार्वजनिक परिवहन के वाहनों के लोकेशन की लाइव ट्रैकिंग की जा रही है।

